चंपावत में वीसी के जरिए जानकारी देते डीएम डा.अहमद इकबाल।
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प्रदेश के आवास सचिव अमित नेगी ने शहरों, कस्बों और गांवों को मलिन तथा कंक्रीट क्षेत्र में तब्दील होने से बचाने के लिए सुनियोजित प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों और विभिन्न विकास प्राधिकरणों के अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में किसी की भी मनमानी नहीं चलेगी। सभी बिल्डरों को नियामक प्राधिकरण के तहत 31 जुलाई तक अनिवार्य रूप से अपना पंजीकरण कराना होगा। कहा कि राज्य में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग से लगे क्षत्रों में हो रहे अनियोजित विकास को रोकने के लिए राज्य तथा राष्ट्रीय राजमार्ग के 200 मीटर क्षेत्र को नियामक क्षेत्र तथा राष्ट्रीय व राज्यमार्ग पर बसे शहर, कस्बे एवं गांवों के संपूर्ण क्षेत्र को नियामक क्षेत्र घोषित किया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग के किनारे बसे सभी शहरों, कस्बों और गांवों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आवास सचिव ने कहा कि जिलाधिकारियों को जिले के विकास कार्यक्रम के लिए इस योजना में प्रत्यक्ष रूप से शामिल किया गया है। तथा अनियोजित विकास को रोकने के लिए डीएम की अध्यक्षता वाली स्थानीय विकास प्राधिकरण का गठन किया जा रहा है। उन्होंने प्राधिकरण के गठन के लिए आवश्यक पदों का ब्यौरा शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि एसडीएम का कार्य नक्शा पास करना नहीं, बल्कि यह भी देखना है कि विकास कार्य सुनियोजित हो रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि राज्य की आवास नीति पर तेजी से कार्य चल रहा है। अगले तीन सालों के अंदर सभी शहरों एवं कस्बों का मास्टर प्लान तैयार होगा।
डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने बताया कि राष्ट्रीय तथा राज्य राजमार्ग के किनारे बसे शहर, कस्बे एवं गांवों की सूची एक सप्ताह में शासन को भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आवश्यकतानुसार पदों का ब्यौरा पूर्व में शासन को भेजा गया है। जिसे फिर से शासन को उपलब्ध कराया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मोहित लाल शाह आदि उपस्थित रहे।