पूर्णागिरि मेले में इस बार एक दिन में सिर्फ 10 हजार श्रद्धालुओं को ही दर्शन की अनुमति मिलेगी। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर पुलिस ने एसओपी जारी कर दी है। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पंजीकरण कराने के साथ ही सुरक्षित दूरी, मास्क और सैनिटाइजर का भी प्रयोग करना अनिवार्य होगा।
कोरोना के कारण पिछले वर्ष छह दिन बाद ही मेला स्थगित करना पड़ा था। इस बार भी संक्रमण की देश में फिर से बढ़ती रफ्तार देखते हुए पुलिस प्रशासन कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है। यही वजह है कि पुलिस ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसके तहत 30 मार्च से शुरू होकर 30 अप्रैल तक चलने वाले मेले में श्रद्धालुओं को कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करना होगा।
यहां करना होगा पंजीकरण
एसओपी के मुताबिक दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को
https://mvcdeveloper. uttaraonline.in/purnagiri और
https://champawat.nic.in वेबसाइट पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा और ऑनलाइन पोर्टल पर एक दिन में सिर्फ 10 हजार श्रद्धालुओं के ही पंजीकरण होंगे। धाम क्षेत्र में श्रद्धालुओं को ठहराने वाले दुकान और धर्मशाला संचालकों को भी श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग करवानी होगी।
2020 में एक हफ्ते में ही बंद हो गया था मेला
2020 में मां पूर्णागिरि धाम का 11 मार्च से शुरू होकर 97 दिनों तक चलने वाला मेला कोरोना के चलते एक हफ्ते में ही बंद हो गया था। मेला नहीं होने से क्षेत्र में कई करोड़ रुपये का कारोबार प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से प्रभावित हुआ था। इस वजह से चुनरी, त्रिशूल, धूप-अगरबत्ती, नारियल, प्रसाद से लेकर बाल मुंडन, पार्किंग, यातायात, होटल कारोबार, खानपान, वाहन व्यवसाय आदि बुरी तरह प्रभावित हुआ। चंपावत जिले में कोरोना महामारी में काफी हद तक काबू कर लिया गया है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर मेले की अवधि को एक माह किया गया है। मेला मजिस्ट्रेट टनकपुर के एसडीएम हिमांशु कफल्टिया का कहना है कि मेले के आध्यात्मिक पक्ष के साथ कोरोना से बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। एसओपी में भी इन्हीं बिंदुओं पर ध्यान रखा गया है।