चंपावत। चंपावत में आर्मी पब्लिक स्कूल के खुलने की संभावना को तगड़ा झटका लगा है। जरूरी शर्तों के पूरा नहीं होने से इस स्कूल की राह में अड़चन आई है। इसके बाद राजस्व और शिक्षा विभाग ने अब आगे की प्रक्रिया को रोक दिया है।
जिले में चार हजार से अधिक पूर्व फौजी और सेवारत सैनिक हैं। इसके दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आर्मी पब्लिक स्कूल खोलने का एलान किया था। उनकी घोषणा के बाद स्कूल के लिए जमीन की तलाश भी शुरू कर दी गई थी। चंपावत के पास के खर्ककार्की गांव में 50 नाली से अधिक जमीन को राजस्व और शिक्षा विभाग ने इसके लिए उपयुक्त पाया था।
अब उत्तराखंड सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग के उप निदेशक कर्नल (सेवानिवृत्त) आरएल थापा ने मानक की कमी से चंपावत में आर्मी पब्लिक स्कूल की स्थापना से इनकार किया है। पत्र में कहा गया है कि आर्मी पब्लिक स्कूल सेवारत और पूर्व सैनिकों के बच्चों को शिक्षा देने के लिए स्थापित किए जाते हैं। ये स्कूल छावनी क्षेत्र अथवा सैन्य स्टेशन में खोले जाते हैं। इन दोनों शर्तों के पूरा नहीं होने से चंपावत में आर्मी पब्लिक स्कूल खोलना संभव नहीं होगा। संवाद
कोट
चंपावत के खर्ककार्की में आर्मी स्कूल के लिए जमीन की तलाश शुरू की गई थी लेकिन सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग की ओर से इनकार करने के बाद इस कवायद को रोक दिया गया है। साथ ही मामले को लेकर प्रशासन से मार्गदर्शन मांगा जाएगा। - आरसी पुरोहित, मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।