चंपावत जिले के कांडा गांव में महिलाओं को प्राकृतिक खेती की जानकारी देती केवीके की वैज्ञानिक। स्
लोहाघाट (चंपावत)। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से चंपावत जिले के कांड़ा गांव में दो दिनी प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण का समापन हो गया है। केंद्र की प्रभारी अधिकारी डाॅ. दीपाली तिवारी पांडेय ने प्राकृतिक खेती के लिए महिलाओं को जागरूक किया। कहा प्राकृतिक खेती में मिट्टी में रासायनिक या जैविक खाद नहीं मिलाई जाती है। सूक्ष्म जीवों और केंचुओं से कार्बनिक पदार्थों के अपघटन को मिट्टी की सतह पर ही प्रोत्साहित किया जाता है।
प्राकृतिक खेती का उद्देश्य किसानों को घरेलू संसाधनों से आवश्यक पोषक तत्व और पादप संरक्षण सामग्री तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करके उत्पादन लागत में कटौती करना है। डॉ. पूजा पांडे ने जीवामृत, बीजामृत, पलवार तथा वापसा के बारे में बताया। डॉ. रजनी पंत ने सब्जियों में पलवार के लाभ और सब्जी नर्सरी उत्पादन की जानकारी दी। प्रशिक्षण में प्रशिक्षण में 42 महिलाओं ने भाग लिया । इनमें हीरा देवी, चंद्रकला देवी, दीपा देवी, हेमा देवी, बसंती देवी, मीना देवी , पुष्पा देवी रही। संवाद