चंपावत। जिले में 19 अप्रैल को होने जा रहे लोकतंत्र के महापर्व के मतदान मेंं सुरक्षाबलों के जवानों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही सेटेलाइट फाेन और ड्रोन कैमरों की विशेष भूमिका रहेगी।
मतदान दिवस पर जहां जिले की दोनों विधानसभा सीटों के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों में आठ ड्रोन की मदद से निगरानी रखी जाएगी। वहीं संचार सुविधा से विहीन मतदान केंद्रों में नौ सेटेलाइट फोन के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया संचालित की जाएगी। इसके अलावा बिजली सुविधा से वंचित मतदान केंद्रों में उजाले के लिए सौर उर्जा उपकरणों की सहायता ली जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम नवनीत पांडे के अनुसार जिले की दोनों विधानसभा सीटों के 344 मतदान केंद्रों में से 12 मतदान केंद्र ऐसे हैं जहां बिजली की सुविधा नहीं है, वहां तीन-तीन सोलर लालटेन और चार्जर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि 12 मतदान केंद्र ऐसे हैं जहां किसी भी प्रकार की संचार सेवा मौजूद नहीं है, ऐसे स्थानों में पुलिस की वायरलैस संचार सुविधा की मदद ली जाएगी।संवाद
दिव्यांग, महिला और युवा कर्मचारियों पर रहेगी जिम्मेदारी
चंपावत। जिले की दोनों विधानसभा सीटों के आठ मतदान केंद्रों में दिव्यांग, महिला और युवा कर्मचारियों पर विशेष जिम्मेदारी रहेगी। दोनों विधानसभा सीटों में दो बूथों पर सभी कर्मचारी दिव्यांग रहेंगे। इसी प्रकार दो बूथों का संचालन केवल महिला कर्मचारियों की ओर से किया जाएगा। इसी तरह दो बूथों में सभी कर्मचारी 45 वर्ष से कम आयु के तैनात रहेंगे। संवाद
पहली बार बूथ में तैनात रहेंगी आशा और पीटीसी
चंपावत। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पहली बार हर मतदान केंद्र में आशा कार्यकर्ता की तैनाती की जाएगी। जो किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक इलाज की व्यवस्था देखेंगी। इसी तरह चुनाव में पहली बार जल संस्थान के पार्ट टाइम चौकीदार (पीटीसी) भी विशेष भूमिका निभाएंगे। मतदान केंद्र में पेयजल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पीटीसी की रहेगी। इसके अलावा वह केंद्र में आने वाले मतदाताओं के लिए पेयजल की व्यवस्था भी करेंगे। संवाद