टनकपुर (चंपावत)। सड़क दुर्घटना पर नियमों में किए गए संशोधन से रोडवेज चालकों ने सोमवार को बस का संचालन ठप रखा। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनरतले किए गए प्रदर्शन के दौरान करीब 15 मिनट तक जाम भी लगाया गया। वाहनों की हड़ताल के कारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पूर्णागिरि धाम के मेले में आए श्रद्धालुओं को भी परेशानी झेलनी पड़ी।
क्षेत्रीय अध्यक्ष संजीव कुमार के नेतृत्व में संगठन ने एसडीएम और रोडवेज अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा। उनका कहना था कि सड़क दुर्घटना में होने वाली मौत पर चालक को 10 साल की सजा और पांच लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है जो गलत है। रोडवेज चालकों ने इसका विरोध करते हुए बस का संचालन ठप रखा।
प्रदर्शनकारियों ने रोडवेज कार्यशाला के पास सांकेतिक जाम भी लगाया। जाम की वजह से कुछ देर के लिए आवाजाही बाधित रही। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को किसी तरह समझाकर जाम खुलवाया। प्रदर्शन में दिनेश भट्ट, राजेंद्र सिंह, भूपाल सिंह, विनोद नौटियाल, हरीश जोशी, भरत पाठक, संजीव सहित बड़ी संख्या में चालक शामिल रहे।
टनकपुर डिपो को 17 लाख रुपये का झटका
टनकपुर (चंपावत)। रोडवेज चालकों की हड़ताल से टनकपुर डिपो को भारी आर्थिक झटका लगा है। रोडवेज के टनकपुर के महाप्रबंधक पवन मेहरा ने बताया कि चालकों की हड़ताल की वजह से सोमवार को अधिकांश बस नहीं चल सकी। करीब 17 लाख रुपये की आमदनी प्रभावित हुई है। बरेली, नैनीताल, चंडीगढ़, देहरादून, रामनगर आदि मार्गों पर सोमवार सुबह टनकपुर से रवाना हुई बस भी बीच रास्ते से वापस आ गई। संवाद
रोडवेज चालकों ने बसों के चक्के किए जाम
लोहाघाट (चंपावत)। सरकार के नए फरमान के विरोध में रोडवेज और टैक्सी चालकों ने सोमवार को आंशिक रूप से हड़ताल की। रोडवेज की आठ बस सेवाएं भी ठप रहीं। बसों के चक्के रुकने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रोडवेज के स्टेशन प्रभारी मधुसूदन जोशी ने बताया कि रोडवेज ने 15 बस के सापेक्ष सिर्फ सात बस का संचालन किया। इसमें नैनीताल, दिल्ली के लिए दो बस, हल्द्वानी, बरेली और देहरादून के लिए एक-एक बस भेजी गई। उन्होंने बताया कि दिल्ली की अन्य तीन बस, गुरुग्राम, ऋषिकेष, देहरादून और बरेली के लिए संचालित नहीं की गईं। उन्होंने बताया कि टनकपुर में सभी बस को रोक दिया गया है। इधर टैक्सी चालकों ने भी आंशिक रूप से हड़ताल में भागीदारी की। संवाद