चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बीते तीन दिन से बंद है। सोमवार तड़के से कई जगह मलबा आने और पेड़ गिरने से आवाजाही ठप है। दो दिन तक लगातार हुई बारिश के थमने के बाद बुधवार को मलबा हटाने का काम शुरू हो सका, लेकिन सड़क को नहीं खोला जा सका।
एनएच खंड के अधिकारियों का कहना है कि बृहस्पतिवार को भी सड़क खुलने के आसार नहीं हैं। वैसे जिला प्रशासन ने इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार से ही आवाजाही पर सुरक्षा कारणों से रोक लगाई है। एनएच 309 में घाट से पनार के बीच भी सड़क बंद है।
बृहस्पतिवार शाम तक टनकपुर से सूखीढांग और चंपावत से धौन तक आवाजाही सुचारु हो गई है, लेकिन अभी सूखीढांग, चल्थी, स्वांला, धौन, लीसा डिपो, खोल्का में भारी मात्रा में मलबा है। चंपावत में कोतवाली के पास और टनकपुर में ककरालीगेट पर ही वाहनों को रोका है।
डीएम विनीत तोमर और एसपी देवेंद्र पींचा ने भारी बारिश के कारण लोगों से बेवजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी। इधर, रोडवेज की लोहाघाट डिपो की बस सेवा लगातार तीसरे दिन बाधित रही।
चंपावत जिले की बंद 10 ग्रामीण सड़कें
अमोड़ी-छतकोट, धौन-सल्ली, वालिग-गागर, मंच-नीड़, रीठा-रमक, सिमलखेत-सिब्योली, थुवामौनी-बांस बंसवाड़ी, तिमलागूंठ-सिब्योलीगूंठ, धूनाघाट-भिंगराड़ा, गौड़ी-किमतोली और मंच-तामली।
बेलखेत का पैदल पुल टूटा, आवाजाही प्रभावित
चंपावत। चंपावत ब्लॉक के बेलखेत गांव का पैदल पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। क्वैराला नदी पर तीन दशक पहले बने इस पुल के एक हिस्से के टूटने से आसपास के गांवों की आवाजाही ठप हो गई है। जिला पंचायत सदस्य दीपा जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता दीपक सिंह आदि ग्रामीणों ने पुल की तुरंत मरम्मत करने और आवाजाही के वैकल्पिक उपाय करने की प्रशासन से मांग की है।
तहसील कार्यालय द्वार पर भारी मलबा
चंपावत। चंपावत में बीते तीन दिनों में 507 मिमी बारिश हुई है। इस बारिश ने भारी तबाही मचाई है। चंपावत के तहसील कार्यालय के मुख्य द्वार में आए भारी मलबे से आवाजाही ठप हो गई है। तहसीलदार ज्योति धपवाल ने बताया कि इस स्थान से मलबे को हटाकर जल्द ही आवाजाही सुचारु की जाएगी। तब तक के लिए दूसरे गेट से कार्यालय में आवाजाही हो सकेगी।