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मलबा नहीं हटाने से कई घंटों तक जाम में फंसे रहे यात्री

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मारपीट के विरोध में बंद टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग और परेशान मुसाफिर। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। भारी बारिश के कारण आए मलबे से टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्वांला और धौन के बीच जाम में फंसे वाहनों को उम्मीद थी कि कार्यदायी कंपनी फौरन मलबा साफ करके यातायात बहाल करेगी। पर कार्यदायी कंपनी शिवालया के कर्मचारियों ने रविवार को हुई मारपीट के विरोध में मलबा हटाने से ही इंकार कर दिया। इसके चलते यात्री कई घंटे वाहनों में फंसे रहे। बाद में एनएच और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अपने सामने मलबा साफ कराया। इसके चलते सुबह 5:30 बजे बंद रोड करीब 12:30 बजे जाकर सुचारु हो सकी।
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राष्ट्रीय राजमार्ग में टनकपुर और चंपावत के बीच दो दिनों से कई जगह पर मलबा गिर रहा है। भारी बारिश के कारण चल्थी, स्वांला और धौन के पास राजमार्ग में भारी भरकम बोल्डर भी गिर रहे हैं। सोमवार सुबह एनएच में भारी मात्रा में मलबा आ गया। उस पर सड़क के फेस टू में चौड़ीकरण का कार्य कर रही कंपनी शिवालया की ओर से मलबा हटाने से इंकार पर प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। एनएच के ईई एलडी मथेला ने बताया कि धौन और स्वांला के पास आया मलबा एनएच खंड की मशीनों से हटाया। चल्थी के पास भी सड़क से मलबा हटा लिया गया है। अब राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह से सुचारु हो गया है।
जाम में फंसे वाहनों में बुजुर्ग और मरीज हुए परेशान
चंपावत। मलबे के कारण चल्थी, धौन, स्वांला के बीच फंसे वाहनों में कई बुजुर्ग, महिलाओं, बच्चों और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम में फंसे वाहनों में बैठे यात्री मलबा हटने का इंतजार बेसब्री से करते दिखी। इस दौरान टनकपुर तहसील में एक मामले में गवाही देने जा रहे महेश चंद्र चौड़ाकोटी को मार्ग बंद होने से आधे रास्ते से मुख्यालय लौटना पड़ा।
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एसडीएम और सीओ ने किया मौका मुआयना
चंपावत। एनएच की कार्यदायी कंपनी के कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच मारपीट की सूचना पर सोमवार को एसडीएम अनिल गर्ब्याल और सीओ ध्यान सिंह ने मौका मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कंपनी प्रतिनिधियों से वार्ता कर ग्रामीणों से भी जानकारी ली।
रिपोर्ट दर्ज होने तक कार्य बहिष्कार रहेगा जारी
चंपावत। राजमार्ग चौड़ीकरण के कार्य में लगी कंपनी शिवालया की ओर से एसपी लोकेश्वर सिंह को तहरीर सौंपी गई है। इसमें वरिष्ठ जनप्रतिनिधि सहित 50 अन्य लोगों पर बेवजह मारपीट एवं अभद्रता का आरोप लगाया गया है। इसके विरोध में कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बेमियादी कार्य बहिष्कार किया है। कर्मचारियों का कहना है कि मारपीट की रिपोर्ट दर्ज होने तक वह कार्य बहिष्कार करेंगे।
कंपनी के टीम लीडर विपुल अग्रवाल, रेजिडेंट इंजीनियर सीपी श्रीवास्तव, रवींद्र परिहार और दीपक शर्मा की ओर से सोमवार को दी गई तहरीर में विधायक और जीवन सिंह पर आरोप लगाया कि समर्थकों के साथ ये लोगसड़क के निरीक्षण को पहुंचे और कंपनी की टीम पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। टीम लीडर को जबरन अपने वाहन में ठूंस कर चल्थी पुलिस चौकी ले गए, जहां उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया। रेजिडेंट इंजीनियर का मोबाइल फोन भी छीनने का आरोप है। इस घटना से साइट में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। उत्पीड़न सहन नहीं किया जाएगा। एसपी से मिलने वालों में कंपनी के निदेशक सुरेंद्र राणा, पीडी जोशी आदि रहे।
शिवालया कंपनी की ओर से फेंका गया मलबा बह कर लोगों के खेतों में जा रहा है। जब ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कंपनी के अधिकारियों से की तो ग्रामीणों से गाली गलौज और अभद्रता की गई। शिवालया कंपनी के कर्मचारियों के साथ किसी ने भी अभद्रता या मारपीट नहीं की है। मैं तो आक्रोशित ग्रामीणों को शांत करने के लिए कंपनी के एक कर्मचारी को अपने वाहन में सुरक्षा के लिहाज से चल्थी चौकी तक लाया था।
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- कैलाश गहतोड़ी, विधायक, चंपावत।
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