फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी सेतु निगम आउट, 2016 की दर पर पुल निर्माण से इंकार

विज्ञापन
निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर चूका में इस जगह बनना है 690 मीटर लंबा पुल। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : TANAKPUR
विज्ञापन
टनकपुर (भुवन पाटनी)। नेपाल सीमा से लगे निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) सड़क पर चूका और रुपालीगाड़ के बीच पुल को इस साल दिसंबर में पूरा हो जाना था लेकिन इस पर पानी फिर गया है। पुल बनाने का जिम्मा पाने वाले उत्तर प्रदेश सेतु निगम की निविदा को 29.51 प्रतिशत राशि अधिक होने की वजह से निरस्त कर दिया गया है, जबकि काम शुरू करने के लिए उसे लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) तक जारी कर दिया गया था।
विज्ञापन

टीजे रोड के 24.400 किमी के दूसरे पैकेज चूका से रुपालीगाड़ को जोडने के लिए लधिया नदी पर पुल बनना है। ब्रिज, रोपवे, टनल एंड अदर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (ब्रिडकुल) को जून 2019 तक 29 करोड़ रुपये में पुल बनाना था, लेकिन विवादों और धीमे काम के कारण शासन ने उसके अनुबंध को निरस्त कर दिया। पिछले साल 22 मई को फिर से हुई निविदा के बाद चूका और रुपालीगाड़ के बीच बनने वाले 690 मीटर लंबा पुल बनाने का जिम्मा यूपी सेतु निगम को दिया गया। इसके लिए निगम को 24 मई को एलओयू भी दे दिया गया।
सेतु निगम ने निविदा में इस पुल को बनाने के लिए 37.56 करोड़ रुपये की राशि भरी थी। ये रकम 2016 में तय लागत 29 करोड़ रुपये से 29.51 प्रतिशत ज्यादा थी। निविदा राशि अधिक होने की वजह से सीमा सड़क प्रबंधन के निर्देश और शासन ने पड़ताल (क्वैरी) करने के बाद निविदा को खारिज कर दिया। संवाद
विज्ञापन

चूका-रुपालीगाड़ रोड पर भी सवा तीन साल तक रुका था काम
चंपावत। करीब 690 मीटर लंबा पुल ही देरी का शिकार नहीं है, 123 करोड़ रुपये से बनने वाले चूका-रुपालीगाड़ सड़क का काम भी सियासी विवाद से लेकर अदालती प्रक्रिया के कारण सवा तीन साल तक लटका रहा। अगस्त 2017 से 39 महीने तक काम रुका रहा। आर्बिट्रेशन की क्लीन चिट देने और सरकार की अनुमति के बाद दिसंबर 2020 से इसे शुरू किया गया। नेपाल सीमा पर सुरक्षा चौकसी को मजबूत करने और एसएसबी की बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) तक आधारभूत ढांचा बनाने के लिए बनाई जा रही टीजे रोड खासी महत्वपूर्ण है।
सीमा सड़क प्रबंधन के निर्देश पर यूपी सेतु निगम की निविदा को निरस्त कर दिया गया है। अब री-टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चुनाव आचार संहिता हटने के बाद मार्च के तीसरे सप्ताह से नई निविदा की कार्यवाही शुरू होगी।- ओंकार पांडेय, एई, पीआई, टनकपुर-जौलजीबी रोड।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें