चंपावत। जिले के स्वांला और कोट अमोड़ी में रामलीला मंचन का अयोजन जारी है। दोनों ही स्थानों में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
अमोड़ी की रामलीला में बुधवार को मुख्य अतिथि विधायक कैलाश गहतोड़ी थे। सातवें दिन की लीला में सूर्पणखा का पंचवटी में आना, राम के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखना, उसके बाद लक्ष्मण का सूर्पणखा की नाक काटने का मंचन किया गया। इस दौरान सूर्पणखा राम दिल को न तोड़ो बुरी बात है, सब बना खेल मेरा बिगड़ जाएगा गीत गाकर रिझाने का प्रयास करती है। रामलीला के आयोजन में कमेटी अध्यक्ष लालमणी भट्ट, व्यवस्थापक खीमानंद भट्ट, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ललित मोहन पांडेय, पीतांबर भट्ट, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पारस महर, दिनेश भट्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश भट्ट आदि मौजूद रहे। इधर स्वांला रामलीला में बुधवार को सूर्पणखा नासिका छेदन से लेकर रावण मारीच संवाद तक की लीला का आयोजन किया गया। कमेटी अध्यक्ष जगदीश चंद्र भट्ट ने बताया कि यहां राम का अभिनय उमेश भट्ट, लक्ष्मण का नीरज भट्ट, सीता का अमित और रावण का अभिनय ईश्वरी दत्त कर रहे हैं। इसके अलावा हारमोनियम वादक बलदेव भट्ट, तबला वादक प्रकाश जोशी, तालीम मास्टर शंकर भट्ट आदि सहयोग कर रहे हैं।
बिसज्यूला और बिरगुल में रामलीला मंचन शुरू
चंपावत। आज आदर्श रामलीला कमेटी बिसज्यूला और बिरगुल में बुधवार को रामलीला मंचन का शुभारंभ किया गया। बिरगुल में ऊर्जा निगम के एसडीओ यशपाल महर ने फीता काटकर रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। इस मौके पर रमेश जोशी, अशोक बिष्ट, नरेंद्र सिंह भंडारी, नवीन महराना, महेश महराना, जोध सिंह, बंटी महराना, भूपेश महराना आदि मौजूद रहे। उधर, बिसज्यूला में पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा ने रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। इस मौके पर रामलीला कमेटी अध्यक्ष शंकर दत्त खर्कवाल, राजू नरियाल, सतीश खर्कवाल, दिनेश खर्कवाल, ग्राम प्रधान बसंत खर्कवाल, अनिल कुमार, सुरेश खर्कवाल, गिरीश खर्कवाल, राजू खर्कवाल आदि मौजूद रहे। संवाद
रावण मैं जानू बल तोर...
लोहाघाट (चंपावत)। नगर में रामलीला की धूम मची हुई है। कड़ाके की ठंड के बावजूद भी लोग रामलीला का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। श्रीराम सेवा सांस्कृतिक रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जीवन मेहता के दिशा निर्देशन और शिक्षक नरेश राय के संचालन में रामलीला का मंचन किया जा रहा है।
रामलीला में राम लक्ष्मण का सबरी आश्रम में प्रवेश, पंपापुर में सुग्रीव से मित्रता, बाली वध, सुग्रीव का राज तिलक, हनुमान का लंका में प्रवेश, अशोक वाटिका में अक्षय कुमार वध, इंद्रजीत द्वारा हनुमान को बंदी बनाकर राजदरबार लाना, लंका दहन करने की लीला का मंचन किया गया। इसमें अशोक वाटिका में मेघनाद हनुमान से कहता है अरे तू बंदर बाग के अंदर, काहे मयारी रार.., हनुमान रावण से कहते हैं रावण मैं जानू बल तोर, धनुष तोड़ने गये जनकपुर, शिव धनु अति ही कठोर, शक्ति दिखाकर लौटे घर को, तोड़ा प्रभु ने मोर, सन्मुख रण की हिम्मत रही नहीं, सीता लाये चोर। संवाद