सुरंग में फंसा टनकपुर का पुष्कर सिंह ऐरी।
टनकपुर (चंपावत)। उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में फंसे टनकपुर छीनीगोठ के पुष्कर सिंह ऐरी के बृहस्पतिवार सुबह तक सुरक्षित निकलने की उम्मीद है। ये दावा उत्तरकाशी में इंतजार कर रहे पुष्कर के बड़े भाई विक्रम सिंह ऐरी ने फोन पर किया। राहत कार्य में लगी एजेंसी की मदद से विक्रम ने अपने भाई पुष्कर से बात भी की। इसके बाद विक्रम ने कहा कि भाई की बृहस्पतिवार सुबह सुरक्षित निकल आने की उम्मीद है। पुष्कर सिंह ने नौ दिन बाद नमक का स्वाद चखा।
सुरंग में फंसे पुष्कर ने बताया कि सुरंग से निकालने के लिए डाला जा रहा पाइप काफी नजदीक पहुंच गया है और उसकी आहट को पुष्कर और अन्य फंसे लोग महसूस कर रहे हैं। विक्रम सिंह ने बताया कि पुष्कर को मंगलवार शाम को पहली बार खिचड़ी और फल खाने को मिले। इससे पूर्व 12 नवंबर से सभी फंसे लोग सूखे मेवे के जरिये भूख मिटा रहे थे।
टनकपुर के छीनीगोठ गांव का 24 साल का पुष्कर सिंह ऐरी पिछले एक साल से उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में ऑपरेटर है। और इसी दौरान 12 नवंबर को 40 अन्य लोगों के साथ वह भी सुरंग में फंस गया। वहीं टनकपुर में प्रशासन पुष्कर की मां गंगा देवी और पिता राम सिंह के लगातार संपर्क में है। उनके इलाज और हौंसला देने का काम कर रहा है।