टनकपुर(चंपावत)। मां पूर्णागिरि मेले में आग की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए मुख्य मंदिर, काली मंदिर में पर्याप्त संख्या में आग बुझाने के सिलेंडर, अग्निशमन यंत्र के साथ ही कर्मी तैनात रहेंगे। चार फायर वाहन और एक पंप भी रहेगा। अन्य जिलों से तीन यूनिट फायर कर्मियों की डिमांड की गई है। प्रत्येक पूजा सामग्री की दुकान पर एक आग बुझाने का सिलेंडर, रेत, पानी की व्यवस्था रहेगी।
प्रशासन की ओर से मेले की तिथि 26 मार्च से 15 जून तक निर्धारित कर दी है। एफएसओ अमर सिंह अधिकारी ने बताया कि मेले के दौरान मुख्य मंदिर, काली मंदिर में मेला समिति के चार सिलेंडर और विभाग के दो सिलेंडर के साथ फायर कर्मी तैनात रहेंगे। मेला क्षेत्र भैरव मंदिर, ठूलीगाड़, बूम और बनबसा में एक-एक फायर वाहन रहेगा। पूजा सामग्री की सभी दुकानों में एक सिलेंडर, रेत, पानी उपलब्ध रहेगा। धाम क्षेत्र के टुन्यास में पानी का पंप लगेगा। वर्तमान में तीन यूनिट फायर कर्मी उपलब्ध हैं। मेले के लिए चार यूनिट और चार फायर वाहन की बाहर से डिमांड की गई है।
बाटनागाड़ में मलबा हटाने के लिए रहेगी जेसीबी
टनकपुर (चंपावत)। बरसात होने पर बाटनागाड़ में मलबा हटाने के लिए एक जेसीबी रहेगी। एसडीआरएफ की एक यूनिट आ गई है। जो हर समय मेले के दौरान अलर्ट रहेगी। धाम के पैदल मार्ग को भी लोनिवि की ओर से बेहतर रखा जाएगा। ठूलीगाड़ से भैरव मंदिर तक सड़क को बेहतर बनाने का कार्य जारी है।