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आशा कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार

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चंपावत में प्रदर्शन करती आशा कार्यकर्ताएं। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत/लोहाघाट/टनकपुर। आशा कार्यकर्ता संगठन ने वादाखिलाफी का आरोप लगा शुक्रवार को एक दिनी धरना, प्रदर्शन किया। संगठन ने कहा कि पूर्व में एक माह तक कार्य बहिष्कार करने के बाद सरकार के आश्वासन पर आंदोलन वापस लिया गया था, लेकिन एक माह बाद भी सरकार मांगों की अनदेखी कर रही है। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
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चंपावत में ब्लॉक अध्यक्ष रुकमणि जोशी के नेतृत्व में हुए धरने में प्रदर्शन में हेमा जोशी, संगीता प्रहरी, कमला जोशी, मीरा पंत, माधवी बर्दोला, सीता चौधरी, नीलू महर, उषा तड़ागी आदि थे।
लोहाघाट में जिलाध्यक्ष सरस्वती पुनेठा के नेतृत्व में आशाओं ने जुलूस निकाला। धरने में पदमा प्रथोली, हेमा जोशी, मंजू जोशी, रीतू बिष्ट, आशा सामंत, तुलसी बिष्ट, ममता जोशी, विमला जोशी, मुन्नी जोशी, मुन्नी गोस्वामी आदि थे।
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पाटी में ब्लॉक अध्यक्ष ज्योति उपाध्याय के नेतृत्व में तहसीलदार हरीश नाथ के जरिये सीएम को ज्ञापन भेजा। ममता बिष्ट, चंपा मौनी, निर्मला जोशी, भावना, अनीता, हेमा तिवारी, माया देवी, धनी देवी आदि ने धरना दिया।
टनकपुर में भी आशा वर्करों ने कार्य बहिष्कार कर उप जिला अस्पताल में धरना, प्रदर्शन किया। इनमें कमला चंद, बबीता महर, लीला नेगी, मंजू चंद, पुष्पा चौहान, सुमन लेखक, शांति उप्रेती, भुवनेश्वरी भट्ट आदि थे।
आशा कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगें
एक समान वेतन नीति बनाने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम 21 हजार रुपये का मानदेय, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की सुविधा, कोविड ड्यूटी पर लगी आशा कार्यकर्ताओं को 10 हजार रुपये मासिक जोखिम भत्ता, 50 लाख रुपये का बीमा, कोरोना ड्यूटी के दौरान संक्रमित आशाओं को 10 लाख का मुआवजा।
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