चंपावत/लोहाघाट। चंपावत जिला मुख्यालय में जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों और कर्मियों ने विभिन्न मांगों को लेकर दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रर्दशन किया। शनिवार को जल संस्थान कार्यालय में अध्यक्ष जिला पेयजल निगम कर्मचारी महासंघ यमन बिष्ट के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कि सरकार जल निगम और जल संस्थान के कार्यों को निजी हाथों में दे दिया है, इसका हम विरोध करते हैं।
उन्होंने कहा कि 31 जनवरी तक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बिष्ट ने सरकार से पेयजल निगम और जल संस्थान का एकीकरण कर राजकीयकरण करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में नरेंद्र मोहन गहतोड़ी, नीरज, दीपक पांडेय, मनोज जोशी, हरीश बिष्ट, संदीप रावत, दीपा मुरारी, हिमांशु ओली आदि मौजूद रहे । पेयजल निगम कार्यालय लोहाघाट में अधिकारियों और कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन किया। जल संस्थान मजदूर यूनियन के प्रांतीय संगठन मंत्री कमलेश उप्रेती ने कहा कि सरकार ने पेयजल व्यवस्था, सीवरेज और अन्य निर्माण कार्यों को निजी हाथों में देकर विभाग को अपंग बना दिया है। ऐसे तो भविष्य में विभाग के पास कोई कार्य नहीं रहेगा। उनके सम्मुख वेतन और पेंशन का संकट पैदा हो जाएगा। इस मौके पर अभियंता कन्हैया लाल वाल्मीकि, अभियंता दिनेश भट्ट, नेहा साही, कल्पना मेहता, एलडी नरियाल, सोबन ढेक, बाला दत्त गड़कोटी, एनडी पंत आदि मौजूद रहे।
डीडीहट में भी कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
डीडीहाट(पिथौरागढ़)। सरकार की ओर से पेयजल व्यवस्था के निजीकरण करने से जल निगम और जल संस्थान के कर्मियों में आक्रोश है। नाराज कर्मियों ने सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर विरोध प्रकट किया।
शनिवार को डीडीहाट में जल निगम और जल संस्थान कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार भी किया। कर्मियों ने कहा कि पेयजल व्यवस्था का निजीकरण करना गलत है। जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस मौके पर ललित सिंह,नारायण सिंह, हरीश सिंह,शिवम, चंद्र मोहन,नीरज कुमार, राजेंद्र पांगती सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।