राष्ट्रीय स्तर की मानीटरिंग कमेटी ने साफ पानी के लिए सेफ ड्रिंकिंग वाटर प्लान बनाने के जल संस्थान, निगम और स्वजल को निर्देश दिए। कमेटी के रिसर्च एवं प्लानर जीएन झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन विभागों से समन्वय बनाकर नए पेयजल स्रोत खोजने सहित सबको साफ पानी मुहैय्या कराने की दिशा में काम करने को कहा गया।
सोशल आडिट के लिए ग्राम विकास अधिकारियों को ट्रेनिंग देने, दीर्घकालीन योजनाएं बनाने, ग्राम पंचायत स्तर पर गठित समितियों को सक्रिय करने, लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने, विभागीय परिसंपत्तियों के विवरण की पंजिका तैयार करने के निर्देश जिला विकास अधिकारी वीके उपाध्याय को दिए। मनरेगा से अधिक से अधिक जरूरतमंदों को 100 दिनों का रोजगार देने के निर्देश दिए गए।
इससे पहले मानीटरिंग टीम ने बसुनी, कोयाटी, डुंगरी फर्त्याल, खूनाबोरा, सुतेड़ा, बौतड़ी, इजट्टा, गड़सारी, कमलेख आदि ग्राम पंचायतों में आवास, स्वच्छ भारत मिशन, चालखाल, गूल, चेकडैम, वाटर टैंक, नाला निर्माण, सिंचाई टैंक आदि के कार्यों का मुआयना किया। बैठक में कमेटी के एमजी गुप्ता, पीडी केएन तिवारी, डीपीआरओ सुरेश बेनी, स्वजल के परियोजना प्रबंधक एमके गर्ग समेत सभी बीडीओ मौजूद थे।