चंपावत। जिला अस्पताल में करोड़ों की लागत से पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) बनकर तैयार हो गया है। अब पीआईसीयू संचालन के लिए बाल रोग विशेषज्ञ की जरूरत है। यूनिट बनने के बाद बीमारी या चोटिल और श्वास आदि बीमारियों से ग्रसित बच्चों को तकनीक चिकित्सा वातावरण प्रदान करता है।
जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए 1.25 करोड़ रुपये की लागत से पीआईसीयू का निर्माण पूरा हो गया है। 32 बेड की क्षमता वाले पीआईसीयू में जरूरी उपकरण लगने हैं। बाल रोग विशेषज्ञ के रिक्त दो पदों को भरा जाना है। पिछले वर्ष से चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। पिछले आठ माह से एसीएमओ डॉ. चंद्र शेखर भट्ट बच्चों का इलाज अस्थायी तौर पर कर रहे हैं। एसीएमओ का चार्ज होने के कारण उन्हें अन्य कार्यों के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है। उनके बच्चों को बेहतर इलाज मिलेगी और इलाज के लिए खटीमा, हल्द्वानी, बरेली की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
कोट
जिला अस्पताल में पीआईसीयू का निर्माण पूरा हो गया है। अभी हस्तांतरण की कार्यवाही के साथ ही मशीनें लगाई जानी हैं। शीघ्र चिकित्सक और स्टाफ के लिए निदेशालय को पत्राचार किया जाएगा। - डॉ. देवेश चौहान, प्रभारी सीएमओ, चंपावत।