चंपावत/मंच। सीमांत क्षेत्र मंच में गर्भवती की जान खतरे में डालने के मामले को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई की है। बीती 20 जनवरी को प्रसव पीड़ा के दौरान एएनएम की अनुपस्थिति और गैर जिम्मेदाराना रवैये के प्रकरण में पीएचसी मंच में तैनात चिकित्सक, दो एएनएम, दो स्टाफ नर्सों को तत्काल प्रभाव से हटाकर मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है।
अमर उजाला ने 28 जनवरी के अंक में सेवानिवृत्त एएनएम ने कराया प्रसव, सरकारी व्यवस्था नदारद शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेते हुए विभाग ने कार्रवाई की है। सीएमओ डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि प्रकरण सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर त्वरित कदम उठाते हुए ब्लाॅक प्रभारी एसीएमओ चंपावत डॉ. इंद्रजीत पांडे को जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्हें तीन दिन के भीतर पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस अवधि के दौरान पीएचसी मंच में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मियों का वेतन रोका जाएगा। क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों इसके लिए अन्य स्थानों से वैकल्पिक अधिकारी और कर्मियों की तैनाती की जा रही है।
बता दें कि एएनएम की लापरवाही के चलते प्रसूता पूजा पत्नी महेंद्र सिंह की हालत गंभीर हो गई थी। समय पर चिकित्सा सहायता न मिलने पर सेवानिवृत्त एएनएम पार्वती भंडारी ने मानवता दिखाते हुए सुरक्षित प्रसव कराया, इस कारण कोई घटना होने से टल गई।
पूर्व में भी शिकायत आती रही हैं
पीएचसी मंच में तैनात स्टाफ की पूर्व में भी शिकायत आती रही हैं लेकिन इस बार विभाग ने कड़ा एक्शन लिया है। सभी कर्मियों को यहां से वहां किया जाएगा। सीएमओ ने स्पष्ट किया है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उक्त मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।