चंपावत। जिला मुख्यालय के दूरस्थ क्षेत्र रियासी बमनगांव ग्राम पंचायत के बरकुम गांव में पेयजल किल्लत से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों को प्यास बुझाने के लिए दो किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में गांव के 50 से अधिक परिवार निवास करते हैं। बीते चार दशक पूर्व बनाई गई पेयजल लाइन को आज तक नही बदला गया है। पाइप पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश समय पानी ढोने में ही निकला जा रहा है। इससे कई कार्यों के साथ ही बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर समाधान करने की मांग की है।
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सरकार एक तरफ हर नल योजना में लाखों रुपये खर्च कर रही है। वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर कुछ और ही बयां हो रहा है। लोग आज भी पाने के लिए मीलों दूर जाकर प्यास बुझा रहें हैं। पानी की काफी दिक्कत हो रही हैं। - रुद्र सिंह, ग्रामीण, बमनगांव।
कोट
बरकुम गांव में लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पानी के लिए हर रोज संघर्ष है। बच्चों, बुजुर्ग और महिलाएं पानी ढोने में लगे हैं। प्रशासन और विभाग को जल्द समस्या का समाधान करना चाहिए। - नारायण सिंह, ग्रामीण, बमनगांव।
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नगर के लोगों को पेयजल समस्या से मिलेगी कुछ राहत
लोहाघाट (चंपावत)। नगर लोहाघाट के लोगों को पेयजल समस्या से राहत मिलनी शुरू हो गई है। विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने लोगों की दिक्कत को देखते हुए जल संस्थान से पेयजल समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने जल संस्थान से टैंकरों से नगर के मुख्य टैंक में पानी भरने को कहा था। विधायक की पहल के बाद विभाग ने मुख्य टैंक में पानी डालने का काम शुरू कर दिया है। जबकि नगर के लोगों को हर तीसरे और चौथे दिन पेयजल की आपूर्ति हो रही है। जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि लोहाघाट नगर में प्रतिदिन 24हजार लीटर पानी मुख्य टैंक में डाला जा रहा है। इसके लिए तीन टैंकर, तीन पिकअप और एक कैंटर लगाया गया है। संवाद