चंपावत में रात में हैंडपंप से पानी भरते छोटे बच्चे। संवाद न्यूज एजेंसी
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चंपावत/पाटी। चंपावत नगर क्षेत्र में पेयजल संकट के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसके चलते लोग हैंडपंप और नौलों से दिन के अलावा रात में भी पानी ढोने को मजबूर हैं। शहर को जरूरत का एक तिहाई पानी ही मिल रहा है।
जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता परमानंद पुनेठा ने बताया कि जलस्रोतों में 20 प्रतिशत की कमी आने से एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। क्वैराला पंपिंग योजना का एक माह के भीतर संचालन होने से पेयजल आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। चंपावत शहरी क्षेत्र को रोजाना 23.60 लाख लीटर पेयजल की जरूरत है लेकिन वर्तमान में आठ लाख लीटर से भी कम पानी मिल रहा है।
उधर, पाटी में इसी साल शुरू हुई कोरा पेयजल योजना से भी पाटी के लोगों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। 4.78 करोड़ रुपये की इस योजना का इसी साल चार जनवरी को उद्घाटन हुआ था, लेकिन योजना का पंप खराब होने से काफी हिस्से को पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके चलते लोग हैंडपंप और नौलों से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने दोषपूर्ण पेयजल वितरण को भी पानी की किल्लत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। सोनू जोशी, रजत मौनी, कैलाश भट्ट, प्रकाश, हरीश मौनी, दीपक फर्त्याल, राहुल बोहरा, दिनेश, राहुल आदि ने योजना की खामी दूर करने की मांग की है।