पाटी (चंपावत)। पाटी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की कक्षाओं में डिग्री कॉलेज के विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। यह सुनकर और पढ़कर अटपटा लग सकता है लेकिन यह सच है। तीन साल पहले डिग्री कॉलेज खोल तो दिया मगर पढ़ाई कहां होगी इस बारे में नहीं सोचा गया। वो तो छात्र संख्या शून्य होने के कारण प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई बंद हो गई इस कारण उच्च शिक्षा ग्रहण करने वालों को ठौर मिल गया।
मई 2019 में पाटी डिग्री कॉलेज की घोषणा हुई थी। उच्च शिक्षा से कई किमी की दौड़ लगाने वाले विद्यार्थियों के चेहरे में मुस्कान आई थी। घोषणा हुई थी दाखिले भी होने लगे मगर सवाल कक्षाओं को संचालित करने का आ गया। बंद पड़े प्राइमरी स्कूल को अस्थायी व्यवस्था के तहत चुना गया। इधर भवन बनाने का काम शुरू तो हुआ मगर कभी कोरोना तो कभी बजट के अभाव में इसमें रोड़ा अटकता रहा। प्राइमरी स्कूल में संचालित कक्षाओं में 241 विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्थान की कमी के कारण सिर्फ बीए की कक्षाएं ही संचालित हो रही हैं। नए विषय नहीं खुल पा रहे हैं सांस्कृतिक और अन्य शिक्षणेत्तर गतिविधियों का संचालन भी नहीं हो पा रहा है।
बीएससी और बीकॉम के लिए जाना पड़ता है बाहर
पाटी। यहां छह विषयों हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, इतिहास, समाज शास्त्र और शिक्षा शास्त्र की पढ़ाई हो रही है। विज्ञान और वाणिज्य की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राएं अब भी 29 किलोमीटर दूर लोहाघाट जाने को मजबूर हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि विषयों की कमी विषयों के विकल्प को खत्म कर रही है। मजबूरी में छात्र-छात्राएं उन्हीं विषयों को लेने को मजबूर हैं जो कॉलेज में हैं। पुस्तकालय में पर्याप्त किताबें न होने से छात्र-छात्राओं को कम से कम दो विषयों की पुस्तकें बाजार से खरीदनी पड़ती हैं।
कॉलेज के पास अभी अपना भवन नहीं है। इस वजह से पढ़ाई दूसरे भवन में चल रही है। प्राइमरी स्कूल के भवन में पढ़ाई का संचालन होने से जगह की कमी है। निर्माणाधीन भवन के काम को तेजी से पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था को कहा गया है।
आरके पांडेय, प्राचार्य, राजकीय डिग्री कॉलेज, पाटी।
साढ़े तीन करोड़ से बन रहा कॉलेज का भवन
पाटी (चंपावत)। पाटी राजकीय डिग्री कॉलेज का अपना भवन जौलाड़ी में 100 नाली भूमि में बन रहा है। कार्यदायी संस्था मंडी परिषद 3.50 करोड़ रुपये से भवन का निर्माण कर रही है। मंडी परिषद के जेई आजम मलिक ने बताया कि दो महीने के भीतर भूतल का काम पूरा करा लिया जाएगा।