चंपावत। पाटी ब्लॉक चंपावत जिले में चरस तस्करी का सबसे बड़ा ठिकाना बन रहा है। रविवार रात को ही पाटी थाना क्षेत्र के छिलकाछीना के पास दो लोगों से 2.560 किलो चरस बरामद हुई। सालभर में चंपावत जिले में पुलिस की ओर से एक क्विंटल से अधिक बरामद हुई है। इसमें अधिकांश चरस नैनीताल और अल्मोड़ा जिले से लगे पाटी क्षेत्र से ही बरामद हुई है। यहां तक कि इसी क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाला एक पुलिस कर्मी भी चरस तस्करी के आरोप में दबोचा जा चुका है।
चंपावत जिले का पाटी-देवीधुरा क्षेत्र पिछले सात सालों से चरस तस्करी का नया कॉरिडोर बन कर उभरा है। कोरोना काल के डेढ़ साल में ही पाटी ब्लॉक के देवीधुरा, वालिग, खेतीखान क्षेत्र चरस तस्करी का गढ़ बन गया है। अल्मोड़ा और नैनीताल जिले की सीमा से लगे होने से इस क्षेत्र में बीते डेढ़ वर्ष में चरस बरामदगी की 45 प्रतिशत घटनाएं अकेले इन्हीं क्षेत्रों की हैं। इस अवधि में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही की लॉकडाउन के कारण भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा सील होने के बावजूद चरस तस्करी के ज्यादा मामले पाटी क्षेत्र से आए। पुलिस का मानना है कि चरस तस्करी के ज्यादातर मामलों में कम समय में ज्यादा लाभ पाने के लालच में बेरोजगार शिकार बन रहे हैं। चरस समेत स्मैक तस्करी की घटनाएं भी बढ़ रहीं हैं। कम समय में अमीर बनने के लालच में कई तस्कर अपराध कर रहे हैं।
जिले में साल-दर-साल बरामद चरस (क्विंटल में)
2015 में 13 आरोपियों से 41.070
2016 में 24 आरोपियों से 47.330
2017 में 29 आरोपियों से 30.982
2018 में 49 आरोपियों से 48.619
2019 में 66 आरोपियों से 35.741
2020 में 80 आरोपियों से 87.850
यूं तो पूरे जिले में नशे के धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस गंभीर है, लेकिन सबसे संवेदनशील क्षेत्र पाटी पर खास नजर है। अवैध धंधे की रोकथाम के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाया गया है। - देवेंद्र पींचा, एसपी, चंपावत।