भारत-नेपाल की टनकपुर सीमा में बगैर मास्क पहनी महिला की थर्मल स्क्रेनिंग करती आशा वर्कर। विज्ञप्?
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टटनकपुर (चंपावत)। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका ने भारत-नेपाल के बीच आवागमन सुचारु रहने पर फिर संशय पैदा कर दिया है। हालांकि अभी बनबसा के रास्ते दोनों देशों के बीच कोविड गाइड लाइन के तहत आवागमन पूरी तरह खुला है, लेकिन सीमा पर सख्ती के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने फिर आरटीपीसीआर जांच शुरू कर दी है। जबकि टनकपुर सीमा से सिर्फ थर्मल स्क्रीनिंग से आवागमन हो रहा है।
कोरोना की पहल और दूसरी लहर में पूरी तरह सील रही भारत-नेपाल सीमा पूरी तरह खुल चुकी है। पर्यटक अपने निजी वाहनों से नेपाल की सैर पर जा रहे हैं। बनबसा सीमा के रास्ते हर दिन हजारों की संख्या में लोग आवाजाही कर रहे हैं। वहीं टनकपुर सीमा से भी दोनों देशों के बीच आवाजाही हो रही है। सीमा पर कोरोना की जांच में सख्ती के निर्देश के बाद बृहस्पतिवार को टनकपुर सीमा से आवाजाही का जायजा लिया। सुबह साढ़े दस बजे तक स्वास्थ्य विभाग की थर्मल स्क्रीनिंग की टीम सीमा पर नहीं पहुंची थी। एसएसबी बीओपी के समीप रखी कुर्सी और टेबल खाली पड़ी थी। काफी संख्या में लोग आवाजाही करते दिखे। जिनमें कई लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने मास्क तक नहीं लगा रखा था। एसएसबी के जवान हर आने-जाने वालों का नाम-पता दर्ज कर रहे थे। पूछने पर वहां तैनात एसएसबी के जवानों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम हर दिन सीमा पर तैनात रहती है, लेकिन आज अभी तक नहीं पहुंची है।
भारत-नेपाल की बनबसा सीमा पर कोरोना की आरटीपीसीआर जांच शुरू कर दी गई है। बृहस्पतिवार की दोपहर तक करीब 120 लोगों की सैंपलिंग हो चुकी थी। टनकपुर सीमा पर जांच के लिए स्टाफ की कमी है। विभाग से स्टाफ मांगा गया है। फिलहाल थर्मल स्क्रीनिंग के लिए आशाओं को तैनात किया गया है। - डॉ. वीके जोशी, प्रभारी सीएमएस, उप जिला अस्पताल टनकपुर।