चंपावत। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के 24 मई को जिला अस्पताल के दौरे से हालात में सुधार होगा? सीएम ने कोविड मरीजों का हालचाल जानने के अलावा आईसीयू (सघन निगरानी इकाई) का भी मुआयना किया था। आमतौर पर मरीजों के बगैर रहने वाले इस आईसीयू में सीएम के दौरे के दौरान कोरोना संक्रमित एक अस्पताल कर्मी भर्ती था, जिसे उसी दिन शाम को आईसीयू से छुट्टी भी मिल गई। अमर उजाला ने 25 मई को (एक दिन के लिए खुला आईसीयू और जाने के बाद लटका ताला) शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिस पर अब अस्पताल प्रशासन हरकत में आया है। उसका कहना है कि आईसीयू के लिए अलग से स्टाफ नहीं होने के बावजूद इसका संचालन किया जाएगा।
16 अगस्त 2020 को चंपावत के छह बेड और चार वेंटिलेटर वाले आईसीयू का उद्घाटन जरूर हुआ, लेकिन इसके बाद इसमें जरूरतमंदों को इलाज नहीं मिल पाया। पीएमएस डॉ. आरके जोशी का कहना है कि बीते नौ महीनों में दो मरीजों का इलाज हुआ। उनका कहना है कि ज्यादातर गंभीर मरीजों को बाइपैक और बैड साइड वेंटिलेटर (उच्च दबाव से फेफड़ों में सांस देने) से इलाज किया जाता है। इस तरह से पिछले छह माह में 35 गंभीर मरीजों का इलाज किया जा चुका है। पीएमएस का कहना है कि आईसीयू के लिए चार डॉक्टर, आठ स्टाफ नर्स, छह वार्ड ब्वॉय और चार स्वच्छक अलग से चाहिए। अलबत्ता अतिरिक्त स्टाफ नहीं मिलने पर भी अस्पताल के मौजूदा स्टाफ से ही आईसीयू को संचालित किया जाएगा।
बेड की भरपाई करता है लोहाघाट का आईसीयू
लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट उप जिला अस्पताल के आईसीयू का उद्घाटन इस साल जनवरी में हुआ, लेकिन इसका संचालन अब तक नहीं हुआ है। इससे आपात स्थिति में आने वाले रोगियों को आईसीयू का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस वक्त चार बेड वाले इस आईसीयू का तब उपयोग होता है, जब अस्पताल के सभी 16 कोविड बेडों में मरीज होते हैं। एमएस डॉ. जुनैद कमर का कहना है कि आईसीयू संचालन के लिए विशेषज्ञ स्टाफ की तैनाती नहीं हो पाई है। इसके लिए तीन पालियों में पांच डॉक्टर, निश्चेतक, सर्जन, अस्थिरोग विशेष, फिजिशियन, स्टॉफ नर्स, वार्ड ब्वाय, आया और पर्यावरण मित्र की जरूरत होती है। अलबत्ता आईसीयू बैड में मरीजों को ऑक्सीजन दी जाती है। (संवाद)
टनकपुर में आईसीयू संचालन को करना होगा इंतजार
टनकपुर (चंपावत)। जिले के प्रवेशद्वार टनकपुर के उप जिला अस्पताल में पांच बैड वाला आईसीयू हैं। जिसमें तीन वेंटिलेटर हैं। लेकिन इस आईसीयू का संचालन अभी दूर की कौड़ी है। सीएमएस डॉ. एचएस ह्यांकी का कहना है कि आईसीयू का प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है। इसके अलावा आईसीयू के तीन वेंटिलेटर को ठीक से संचालित करने के लिए कंपनी को कहा गया है। साथ ही ऑक्सीजन के जंबो सिलिंडर की जरूरत भी होगी।
कोट
स्टाफ की कमी के बावजूद अब चंपावत जिला अस्पताल के आईसीयू को संचालित किया जा रहा है। उन्होंने खुद बुधवार को औचक मुआयना कर आईसीयू का जायजा लिया। साथ ही इससे पूर्व जिले के तीनों आईसीयू के संचालन के लिए आठ डॉक्टर, 16 स्टाफ नर्स, 12 वार्ड ब्वॉय और 8 स्वच्छक देने का स्वास्थ्य महानिदेशालय से आग्रह किया गया है।
डॉ. आरपी खंडूरी,
सीएमओ, चंपावत।
आईसीयू के संचालन को लेकर अस्पताल प्रशासन ने मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दी है। जिला अस्पताल सहित जिले के तीनों अस्पतालों में कहीं भी आईसीयू का संचालन नहीं हो रहा है। कांग्रेस आईसीयू सहित जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जल्द ही आंदोलन की रणनीति बनाएगी।
पूरन कठायत, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस