टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच बारहमासी सड़क (ऑलवेदर रोड) में चंपावत और लोहाघाट में बाइपास निर्माण के लिए संशोधित अधिसूचना जारी हो गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के उप सचिव राजेश गुप्ता की ओर से बाइपास निर्माण की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके अनुसार चंपावत और लोहाघाट नगर में प्रस्तावित बाइपास की भूमि अधिग्रहण के लिए एसडीएम सदर चंपावत सीमा विश्वकर्मा को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। संशोधित अधिसूचना के अंतर्गत अब बाइपास के लिए चंपावत में 11 तथा लोहाघाट में छह ग्राम पंचायतों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 125 (नया-09) में चंपावत नगर में बाइपास के लिए सड़क के 121 किमी से 129 किमी तक की 16.951 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। जिनमें चैकुनी बोरा, चैकुनी पांडेय, कफलांग, शक्तिपुर बुंगा, नगर गांव, लिस्ता, लटोली, चौकी, राकड़ी फुलारा, फूंगर और पुनेठी ग्राम पंचायतें शामिल हैं। जबकि लोहाघाट में 136 किमी से 142 किमी तक की भूमि के लिए खूनाबोरा, डेंसली, फर्नहिल, राईकोट कुंवर, राईकोट महर एवं पाटन पाटनी ग्राम पंचायतों की 10.919 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 21 दिन की सीमा निर्धारित
चंपावत। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक चंपावत और लोहाघाट में प्रस्तावित बाइपास टू लेन के बनेंगे। जिन गांवों की भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी गई, उन गांवों में आपत्ति दर्ज कराने के लिए 21 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच बढ़ेगी चार किमी की दूरी
चंपावत। राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला के अनुसार बारहमासी सड़क में चंपावत और लोहाघाट में बाइपास के निर्माण चलते टनकपुर और पिथौरागढ़ के बीच करीब चार किमी की दूरी बढ़ जाएगी। वर्तमान में टनकपुर से पिथौरागढ़ की दूरी ठीक 150 किमी है। बाइपास बनने के बाद यह दूरी बढ़कर 154 किमी हो जाएगी।