रीठा साहिब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लटके ताले। संवाद न्यूज एजेंसी
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रीठा साहिब (चंपावत)। लधिया घाटी के सबसे बड़े अस्पताल रीठा साहिब का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में सोमवार से ताले लटके हैं। इस वजह से यहां पहुंच रहे मरीज मायूस लौट रहे हैं। भिंगराड़ा या पास के निजी अस्पताल जाने के लिए मजबूर हैं।
रीठा साहिब सहित लधिया घाटी के काफी हिस्से में इन दिनों जलते जंगलों के धुएं की धुंध, बदलते मौसम की वजह से लोगों को दिक्कत हो रही है लेकिन अस्पताल में ताले लटके होने से लोग परेशान हैं। पूरन सिंह मेहता, कुंदन सिंह, दिनेश चंद्र बिनवाल, भुवन राम मंगलवार को अस्पताल से बैरंग लौटे। आंखों में परेशानी, उल्टी-दस्त आदि परेशानी से ये लोग अस्पताल पहुंचे, लेकिन अस्पताल बंद होने से उन्हें इलाज नहीं मिल सका। रीठा साहिब के अस्पताल में सोमवार से न डॉक्टर हैं और न ही फार्मासिस्ट। बाद में इन लोगों को रीठा के निजी अस्पताल में जाना पड़ा। ग्रामीण बबीता, मनोज सनवाल, जसोदा भट्ट, भोला सिंह बोहरा, लक्ष्मण सिंह मेहता, त्रिलोक चंद, ईश्वर कुल्याल, भगवान कुंवर आदि ने प्रशासन से अस्पताल में डॉक्टर और अन्य स्टाफ की तैनाती की मांग की है।
पीएचसी रीठा साहिब के चिकित्साधिकारी डॉ. मयंक डिमरी चारधाम यात्रा की ड्यूटी पर भेजे गए हैं। इस वजह से अभी अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं है। तीन दिन के भीतर रीठा साहिब में डॉक्टर की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। फार्मासिस्ट की भी तैनाती की जाएगी। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।