टनकपुर रोडवेज स्टेशन में बसों का इंतजार करते यात्री। संवाद न्यूज एजेंसी
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टनकपुर/चंपावत। उत्तराखंड के सबसे पुराने रोडवेज बस स्टेशन में से एक है टनकपुर लेकिन वर्ष 1960 के दौर में बने इस स्टेशन में तो बसों के हाल बुरे हैं। यहां यात्री सुविधाओं की भी कमी है। इंतजार करने के लिए यात्री प्रतीक्षालय भी कायदे का नहीं है। बिजली गुल होने पर रात में अंधेरा, तो दिन में गर्मी से जूझना पड़ रहा है।
छह दशक पुराने टनकपुर रोडवेज स्टेशन में औसतन रोजाना एक हजार से अधिक यात्रियों की आमद होती है लेकिन इन मुसाफिरों के लिए सुविधाएं नदारद हैं। प्रतीक्षालय में बैंच और कुर्सियों के अलावा खास सुविधा नहीं है। कई यात्रियों का कहना है कि टिन की छत में पुराने दौर के पंखे होने से गर्मी में दिक्कत होती है। इसी तरह से ठंडे पानी से लेकर अन्य परेशानियों का भी यात्रियों को सामना करना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि टिकट में यात्रियों की सुविधा के लिए किराया वसूलने के बाद भी स्टेशन में कोई खास सुविधा नहीं है। वहीं सहायक मंडलीय प्रबंधक केएस राणा का कहना है कि निगम यात्रियों की सुविधा का ध्यान रख रहा है। इसमें लगातार सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं जो कमी होगी, उसे दूर किया जाएगा।