फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीमा विवाद सुलझाने को भारत-नेपाल ने शुरू किया संयुक्त सर्वे

विज्ञापन
विज्ञापन
भारत-नेपाल सीमा विवाद सुलझाने को संयुक्त सर्वे शुरू हो गया है। सर्वे ऑफ इंडिया की टीम के साथ सर्वे ऑफ नेपाल की टीम भी टनकपुर सीमा पर पहुंच गई है। दोनों टीमों ने विचार-विमर्श के बाद संयुक्त सर्वे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन

जीपीएस से सेंटर प्वाइंट का पता लगाने को भारतीय टीम बागेश्वर और नेपाल की टीम धारचूला रवाना हुई है। जीपीएस सर्वे कर दोनों देशों की टीमों के लौटने के बाद एफएसटी का गठन कर सर्वे तेज किया जाएगा।
सीमा पर लगाए गए कई सीमा स्तंभों के गायब और क्षतिग्रस्त होने से भारत-नेपाल के बीच लंबे समय से सीमा विवाद बना हुआ है। ब्रह्मदेव के समीप सीमा स्तंभ 811/3 ए काफी समय से गायब है, जिससे यहां सीमा विवाद बना हुआ है। बीते वर्ष 1991 की संधि के तहत टनकपुर बैराज से नेपाल से लगी ब्रह्मदेव सीमा तक 1.3 किमी. लंबी सड़क के निर्माण में सीमा विवाद का अड़ंगा लगा था, जिस कारण नेपाल की ओर से 150 मी. विवादित हिस्से में सड़क का निर्माण रोकना पड़ा।
विज्ञापन

चंपावत से लेकर यूपी के लखीमपुर खीरी तक भारत-नेपाल सीमा में सीमा स्तंभ संख्या 700 से 850 तक सीमा की स्थिति स्पष्ट करने को दोनों देशों ने संयुक्त सर्वे कराने का फैसला लिया है। पिछले साल 24 से 26 सितंबर तक दोनों देशों के बीच देहरादून में हुई एसओसी (दोनों देशों की बाउंड्री वर्किंग ग्रुप मीटिंग) की बैठक में सर्वे पर सहमति बनने के बाद सर्वे ऑफ इंडिया की टीम टनकपुर पहुंच गई थी लेकिन नेपाल की टीम के नहीं पहुंचने से सर्वे शुरू नहीं हो पाया था।
सर्वे टीम के मुखिया बीएसएस प्रसाद ने बताया कि अब सर्वे ऑफ नेपाल की टीम भी पहुंच गई है। सर्वे की शुरुआत से पूर्व जीपीएस से सेंटर प्वाइंट के सर्वे को भारतीय टीम बागेश्वर और नेपाल की टीम धारचूला भेजी गई है। उन्होंने बताया कि जीपीएस सर्वे के बाद एफएसटी का गठन कर विधिवत सर्वे की गति तेज की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें