2013 में नगर पालिका में शामिल कनलगांव की पहचान चंपावत ब्लॉक के अकेले आदर्श जीआईसी और कूर्मांचल संस्कृत विद्यालय से है। इसी वार्ड से होते हुए नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश तक पहुंचा जाता है। सीमांत के गांवों तक पहुंचाने वाले इस वार्ड की हालत बेहद दयनीय है। लोगों की सबसे बड़ी समस्या नालियों की कमी और पानी निकासी न होना है।
कनलगांव वार्ड से गुजरने वाली चंपावत-मंच-तामली मोटर मार्ग को छोड़ दिया जाए तो वार्ड के भीतर के रास्ते लोगों के लिए चुनौतियां पेश करते हैं। रास्तों की कम चौड़ाई से वाहनों की आवाजाही में दिक्कत होती है। इससे भी अधिक समस्या इन पुराने रास्तों में नाली और पानी निकास का बंदोबस्त न होना है। लोगों का कहना है कि गंदा पानी रास्तों पर बहता है।
इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। कूड़ा निस्तारण के लिए नियमित रूप से गाड़ी नहीं आती है। यहां की सबसे बड़ी दिक्कत ज्यादातर स्ट्रीट लाइटों का नहीं जलना है। कनलगांव के मंदिर के पास लगी स्ट्रीट लाइट 2018 में लगने के एक दिन बाद ही जवाब दे गई। यह हाल एक-तिहाई लाइटों का है।
कनलगांव में सीवरेज सिस्टम बिल्कुल ठीक नहीं है। इसके नहीं होने से रास्तों पर जगह-जगह गंदगी हो रही है। इसे दुरुस्त करना सबसे जरूरी है। दीवान सिंह।
कनलगांव में पुराने रास्तों में नालियां नहीं है। निकासी की व्यवस्था गड़बड़ाने से रास्तों पर पानी बहता है जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। सुभाष तड़ागी।
चुनाव जीतने के बाद प्रतिनिधि समस्याओं की अनसुनी कर रहे हैं। उनके क्षेत्र में दिसंबर 2018 में स्ट्रीट लाइट लगाई गई लेकिन यह लाइट कभी जली नहीं। माहेश्वरी देवी।
यहां आवारा मवेशियों की दिक्कत खूब है। नगर क्षेत्र में छोड़ दिए गए गाय और अन्य मवेशी कनलगांव की ओर धकेलने से यहां खेतों को चरागाह बना दिया गया है। अमर सिंह।
कनलगांव में पुराने खराब रास्तों की मरम्मत के साथ नए रास्तों का निर्माण किया जा रहा है। वार्ड में सभी जगह स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। अगर कहीं कोई दिक्कत है, तो उसे ठीक कराया जाएगा। मोहन भट्ट, सभासद।