तेंदुए की खाल के साथ पकड़े गए नैनीताल जिले तीनों आरोपियों को वन विभाग की टीम ने लोहाघाट जेल भेज दिया है। तस्करी में लिप्त कारों को जब्त कर लिया गया है। वन विभाग एवं पुलिस पता लगा रही है कि कहीं आरोपियों के अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करों से कोई सरोकार तो नहीं है।
शनिवार को एसओजी, पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने गढ़ीगोठ के पास खटीमा से आ रही दो कारों को रोक तलाशी ली तो उसमें एक कार में तेंदुए की खाल बरामद हुई। पकड़े गए तीनों आरोपी नैनीताल जिले के रहने वाले हैं।
पूर्व तराई वन प्रभाग खटीमा के एसडीओ बाबू लाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपी भवाली निवासी राजेंद सिंह आर्या उर्फ राजन, नौनागांव तल्लीताल निवासी दिनेश सिंह गैंड़ा और भूमियाधार थाना तल्लीताल निवासी नवीन चंद को लोहाघाट जेल भेज दिया गया है।
पूर्वी तराई वन प्रभाग का क्षेत्र टनकपुर तक होने एवं घटना स्थल चंपावत के बनबसा में होने के चलते उन पर चंपावत में मुकदमा चलाया जाएगा। पकड़े गए तस्करों ने अपने बयानों में खाल नैनीताल जिले के भूमिधार निवासी दीपू से खरीदना बताया है। एसडीओ ने बताया कि इस बारे में भी पता लगाया जा रहा है।
उधर, चंपावत एसओजी प्रभारी विरेंद्र रमोला ने बताया कि उक्त पकड़े गए तस्करों ने अपने बयानों में खाल तस्करों के बारे में जानकारी होने की बात कही है। खाल तस्करों की कारों को भी जब्त किया गया है।
तीन साल में पकड़ी गईं तेंदुए की 22 खालें
चंपावत। पुलिस और वन विभाग की टीम ने रविवार को बनबसा से तेंदुए की एक खाल के साथ तीन आरोपियों को पकड़ा। वन्य जंतु अपराध की 2020 की यह भले ही पहली वारदात है लेकिन जिले में वन्य जंतुओं की तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं। पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और वन विभाग ने बीते तीन वर्षों में वन्य जंतुओं की तस्करी के कुल 15 मामले पकड़े। इन में अर्द्ध सुरक्षा बल का एक कर्मी भी पकड़ा गया। 2017 में दो मामलों में चार खालें, 2018 में चार मामलों में आठ और पिछले साल नौ मामलों में कुल 10 खालें पकड़ी गईं।
फरवरी 2017 में तेंदुए की तीन खाल के साथ एक तस्कर पकड़ा गया। दिसंबर 2017 में तेंदुए की एक खाल और आठ किलो बाघ की हड्डी के साथ दो तस्कर गिरफ्तार किए गए। जनवरी 2018 में बनबसा से एक नेपाली को तेंदुए की खाल के साथ गिरफ्तार किया गया। 21 फरवरी 2018 को पाटी से एक तस्कर को बाघ की एक खाल के साथ पकड़ा गया। 10 जून 2018 जाजरदेवल के एक आईटीबीपी कर्मी और एक अन्य व्यक्ति से बनबसा में दो-दो खालें बरामद हुईं। जबकि उनका तीसरा साथी तेंदुए की एक खाल छोड़ कर फरार हो गया। जुलाई 2018 में पाटी मेें तेंदुए की एक खाल व हड्डियों के साथ एक तस्कर को पकड़ा। 2019 में तेंदुए की कुल 10 खालें पकड़ी गईं।