टनकपुर (चंपावत)। महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने शुक्रवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं से निरंतर पढ़ाई करने और आगे बढ़ने के प्रयास करने को कहा। विद्यालय पहुंचने पर छात्राओं ने स्वागत कर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। छात्राओं ने आत्मरक्षा के लिए ताइक्वांडो के करतब भी दिखाए।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने वार्डन प्रेमा ठाकुर से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, मेडिकल, खान-पान, सीसी टीवी, गार्ड और विद्यालय की शिक्षिकाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने वार्डन को छात्राओं की सुरक्षा के लिए दीवार के ऊपर कोबरा वायरिंग लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान उपजिलाधिकारी हिमांशु कफल्टिया, जीजीआईसी की प्रधानाचार्य गीता चंद, भाजपा प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, मुख्य जिला शिक्षाधिकारी जितेंद्र सक्सेना, रेनू वल्दिया, अर्चना उप्रेती, गीता राजपूत आदि मौजूद थे।
उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण किया
बनबसा (चंपावत)। उत्तराखंड महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने बनबसा स्थित रीड्स संस्था के उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण किया। संस्था के कोषाध्यक्ष जनक चंद ने कहा कि लगभग साढ़े चार वर्षों का वित्तीय अनुदान लंबित होने के कारण केंद्र संचालन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संस्था कर्मियों का मानदेय आदि लंबित है जिससे उन्हें आजीविका चलाने में परेशानी हो रही है। वहीं किराए के लिए मकान मालिक काफी परेशान कर रहा है। संस्था को आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। संस्था में संरक्षित होने वालों के लिए सुविधाएं आदि जुटाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान संस्था के प्रकाश चंद्र, सरोज चंद, भावना चंद, विनीता रजवार आदि थे। संवाद
मानव तस्करी रोकने पर जोर
बनबसा (चंपावत)। महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने एनएचपीसी अतिथिगृह में विभिन्न विभागों एवं भारत-नेपाल की विभिन्न संस्थाओं की बैठक ली। उन्होंने मानव तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मानव तस्करी के तहत (खासकर किशोरियों एवं युवतियों) को गलत हाथों में पड़ने से रोकने में अहम भूमिका निभाने पर जोर दिया। उन्होंने भारत-नेपाल की संस्थाओं को आपसी सहयोग से मानव तस्करी पर अंकुश लगाने का सुझाव दिया।
बैठक में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, समाज कल्याण, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, उद्यान विभाग, रीड्स संस्था, चाइल्ड हेल्पलाइन नेपाल, माइते नेपाल, कार्ड संस्था आदि के साथ महिला आयोग उपाध्यक्ष ने चर्चा की। नेपाल की संस्थाओं ने पीड़ित नेपाली महिलाओं और बच्चों के रेस्क्यू में आ रही दिक्कतों के बारे में बताया।