बिना पासपोर्ट और वीजा के भारत नेपाल बार्डर पर एसएसबी की पकड़ में आई विदेशी युवती से गहन पूछताछ की जा रही है। चेकिंग के दौरान युवती के पास वैध डाक्यूमेंट नहीं होने पर उसके मौखिक बयानों की पुष्टि में संदेह होने पर उससे पूछताछ की जा रही है।
एसएसबी से मिली जानकारी के मंगलवार 23 मई की शाम ई रिक्शा पर नेपाल से भारत को आ रही एक विदेशी युवती को एसएसबी जवानों ने एसएसबी की सीमा चेकपोस्ट पर रोककर उससे पूछताछ की। हिंदी और नेपाली भाषा न बोल पाने से एसएसबी जवानों को शक हुआ। उसके विदेशी होने के शक पर स्थानीय अन्य सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को अवगत कराकर पूछताछ की गई। सीओ आरएस रौतेला ने बताया कि उक्त युवती ने अपने को उजबेकिस्तान निवासी और नाम हैगामैत्रास जिलोला (25) बताया है। युवती ने बताया कि वह बैंकाक से 22 मई को नेपाली वीजा पर काठमांडू (नेपाल) पहुंची थी।
भारत और नेपाल के बीच बिना पासपोर्ट वीजा के आवागमन होने के चलते वो काम की तलाश में भारत आना चाहती थी। उसे पता नहीं था कि यह सुविधा केवल भारत और नेपाल के लोगों के लिए है। पूछताछ में विभिन्न एजेंसियों ने उसके किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों में लिप्तता से इंकार किया है। एसएसबी 57 वीं वाहिनी के कमांडेंट एलपी उपाध्याय ने बताया कि महिला के पास वैध डाक्यूमेंट नहीं होने पर उसके मौखिक बयानों की पुष्टि की जा रही है। बताया कि युवती के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
गलती से कोई विदेशी (थर्डकंट्री) नागरिक नेपाल इमिग्रेशन में अपने पासपोर्ट और वीजा की जांच कराए बिना भारतीय इमिग्रेशन चेकपोस्ट पर पहुंचता है तो उसे वापस नेपाल को भेजा जाता है। बिना पासपोर्ट नेपाल से भारत को आने वाले थर्डकंट्री के लोगों को बनबसा स्थित इमिग्रेशन चेकपोस्ट से वापस नेपाल लौटा दिया जाता है। इमिग्रेशन अधिकारी (पारगमन अधिकारी) आरपी टम्टा ने बताया कि इसके अलावा नेपाल से भारत को आने वाले तिब्बती नागरिकों को भी वापस नेपाल भेजे जाने का प्रावधान है, लेकिन जांच में पासपोर्ट और वीजा में अनियमितता पाई जाने पर गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया जाता है।