चंपावत के कोट अमोड़ी गांव को आज भी है सड़क की दरकार।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। जिले के कोट अमोड़ी के ग्रामीणों के लिए सड़क सुविधा एक सपना बन कर रह गई है। सड़क के इंतजार में जहां गांव के बुजुर्गों ने अपनी पूरी उम्र काट दी है, वहीं सड़क सुविधा नहीं होने से आपात स्थिति में मरीजों, गर्भवती महिलाओं को डोली का सहारा लेना पड़ता है। सड़क सुविधा की कमी से गांव से 75 फीसदी ग्रामीण पलायन कर चुके हैं।एक वर्ष पूर्व राज्य योजना में स्वीकृत होने और टोकन मनी जारी होने के बाद भी लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब आठ किमी लंबाई की सड़क का सर्वे कार्य तक शुरू नहीं किया जा सका है।
सुविधा के अभाव में लगातार हो रहा है पलायन
चंपावत। सड़क न होने के कारण कोट अमोड़ी गांव से लगातार पलायन हो रहा है। जहां पहले इस गांव में 400 से अधिक परिवार निवास करते थे, वहां आज सिर्फ 100 परिवार ही शेष बचे हैं। मरीजों को युवा डोली के सहारे चार किलोमीटर दूर से मुख्य सड़क तक लाते हैं, जिससे बाद वाहन से अस्पताल ले जाया जाता है।
आगामी विधानसभा चुनावों को होगा बहिष्कार
चंपावत। आजादी के 75 साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी सड़क सुविधा का लाभ नहीं मिलने से यहां के ग्रामीणों का कहना है कि विधानसभा चुनावों में वह किसी भी नेता को वोट नहीं देंगे। गांव में पांचवीं के बाद स्कूल न होने के कारण यहां के बच्चों को छठवीं से आगे की पढ़ाई के लिए पैदल ही पांच किलोमीटर दूर अमोड़ी जाना पड़ता है, जिसमें बच्चों का अधिकांश समय आने जाने मे ही बर्बाद हो जाता है।
कोट अमोड़ी में चौड़खोला से संदर्का तक आठ किमी सड़क का राज्य योजना में निर्माण किया जाना है। इसमें सर्वे को लेकर टेंडर लगने है। शीघ्र टेंडर लगवाकर कार्य शुरू किया जाएगा। - एमसी पांडेय, ईई, लोनिवि प्रांतीय खंड चंपावत।