चंपावत। जिलेभर में एनआरएलएम के माध्यम से विभिन्न स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। नगर से सटी ग्राम पंचायत खर्ककार्की में महिला विकास आईएफसी क्लस्टर महिलाओं के लिए रोजगार के एक सशक्त माध्यम बनता जा रहा है।
एनआरएलएम के सहयोग से जिलेभर में महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। वे अपनी आजीविका के साथ-साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत कर रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों में ये महिलाएं पहाड़ी उत्पादन को नई पहचान दिलाने का काम कर रही हैं। जिलेभर के विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में स्टॉल लगाकर अपनी आजीविका को आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं।
महिलाएं स्टॉल लगाकर अदरक, आचार, बड़ी, गडेरी, भट, मडुवा आटा, मिक्स दाल, लोबिया, अदरक कैंडी, हैंड वॉश, माउथ फ्रेश खिलौने आदि के उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। क्लस्टर को संचालित कर रहीं लक्ष्मी जोशी ने बताया कि लगातार महिलाओं को रोजगार देने के साथ ही पहाड़ी उत्पादों को नई पहचान देने का काम किया जा रहा है। करीब 10 माह पूर्व चंपावत में क्लस्टर की शुरुआत हुई थी और वर्तमान में क्लस्टर में 289 महिलाएं जुड़कर अपनी आजीविका चला रही हैं।
क्लस्टर अध्यक्ष कविता चौधरी ने बताया कि क्लस्टर से जुड़ी महिलाओं को एनआरएलएम के माध्यम से रोजगार का नया माध्यम मिल गया है। उत्पादन तैयार करने की पूरी तकनीकी जानकारी दी जा रही है जिससे वे हर माह हजारों रुपये की आय कर रही है।
सीडीओ डॉ. जीएस खाती ने बताया कि क्लस्टर के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे उन्हें उत्पाद बेचने के लिए बाजार भी मिल रहा है।