पीपीपी मोड संचालित अस्पताल की प्रबंध समिति की बैठक में सीडीओ एसएस पांगती रोगियों से बाहर से दवाएं मंगाने पर भड़क गए। प्रबंध समिति के सभी लोगों ने शील अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर आक्रोश जताया। सीडीओ ने भर्ती रोगियों तथा प्रसव पीड़ित महिलाओं को भोजन नहीं कराने पर भी गहरी नाराजगी जताई। अलबत्ता सीएमएस डा.मंजीत सिंह की ओर से रोगियों के लिए किए जा रहे बेहतर प्रयासों पर संतोष जताया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीडीओ ने कहा कि बाजार से दवाएं मंगाए जाने से पहले रोगी सीएमएएस के पास पर्ची ले जाएगा। उन्हें दवाएं सीएमएस उपलब्ध कराकर देंगे। जल संस्थान ने एक माह में अस्पताल की पेयजल व्यवस्था ठीक कराने का आश्वासन दिया। सीडीओ ने अस्पताल में फर्श, आवासीय कालोनियों, लाशघर और सरकारी संपत्ति की चहारदीवारी करने का आगणन बनाने का निर्देश दिया। चेयरमैन लता वर्मा ने भी बाहर से दवाएं मंगाने एवं रोगियों को भोजन न देने पर भारी नाराजगी जताई।
अस्पताल में दो नए जनरेटर सेट, दंत चिकित्सा की अत्याधुनिक मशीन, डेंटल चेयर, वाशिंग मशीन क्रय करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। दुर्घटना या रोगियों को रेफर करने पर अब कंबल हॉस्पिटल से न देकर 108 सेवा में ही उपलब्ध किए जाएंगे। रोगियों को प्रतिदिन दिए जाने का भोजन का चिकित्साधीक्षक मीनू तैयार करेंगे। इससे पहले सीएमएस डा.मंजीत सिंह ने विभिन्न आवश्यकताओं की जानकारी दी। प्रबंधक संजय सैनी, नवीन मुरारी, आरपी जोशी, गीता राजपूत, डा.अरुण मिश्रा, महेश राय, नवीन ओली, बीडीओ केएस नयाल आदि मौजूद थे। जिला पंचायत सदस्य पुष्कर बोहरा का कहना था कि वह सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से सबसे अधिक रोगियों को लेकर आते हैं, लेकिन अस्पताल में सारी दवाइयां बाहर से मंगाने के साथ रोगियों को भोजन नहीं दिया जाता है।