चंपावत के पास के गांव में हुई ओलावृष्टि।
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जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में बृहस्पतिवार को दोपहर बाद हुई झमाझम बरसात और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लंबे अर्से के बाद बरसात होने से जहां किसानों के चेहरे खिल गए हैं। वहीं ओलावृष्टि के कारण घाटी वाले क्षेत्रों में आम की बौरों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि के कारण हरी सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है। बरसात को आलू की खेती के लिए बेहद उपयोगी बताया जा रहा है।
मौसम विभाग की ओर से तेज हवा चलने, ओलावृष्टि और भारी बरसात की चेतावनी पहली बार सटीक साबित हुई। बरसात के कारण जहां पेयजल संकट से राहत मिली है, वहीं भूमिगत जल स्रोत भी रिचार्ज हो गए हैं। स्वांला, अमोड़ी, धौन, बजौन, चल्थी, सिन्याड़ी क्षेत्र में ओलावृष्टि के कारण आम के बौरों को काफी नुकसान पहुंचा है। उद्यान विशेषज्ञ भूपेंद्र प्रकाश जोशी के अनुसार यह बरसात आलू काश्तकारों के लिए वरदान बनकर आई है। काश्तकार खेतों को तैयार कर आलू के बीज बो सकते हैं। जिला मुख्यालय में भारी बरसात के कारण नालियों के उफान में आने से सारा पानी सड़क के ऊपर से बहने लगा।