चंपावत। तल्लादेश में सतयुग से अखंड धूनी जलाने के लिए प्रसिद्ध गुरु गोरखनाथ धाम जल्द ही नए स्वरूप में नजर आएगा। मंदिर का जीर्णोद्धार कुमाऊंनी शैली में किया जाएगा। इसके लिए कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम की ओर से 2.71 करोड़ की कार्ययोजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है।
जिला मुख्यालय से 31 किमी की दूरी पर स्थित गुरु गोरखनाथ धाम में देश विदेश के गोरख पंथी साधुओं के साथ ही भारी संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। अब धाम में पहुंचने वाले साधुओं और अन्य श्रद्धालुओं को धाम के नए स्वरूप के दीदार होंगे। अब गुरु गोरखनाथ धाम को कुमाऊंनी शैली में बनाने की कवायद तेज हो गई है। सीएनडीएम की ओर से लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने से पूर्व ही कार्य भी शुरू कर दिया गया है। सीएनडीएस लोहाघाट के अभियंता दिनेश चंद्र भटृ ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। संवाद
मंदिर की टायल हटाई जाएंगी
चंपावत। गुरु गोरखनाथ धाम को नए स्वरूप में विकसित करने के बाद पर्यटन को तो बढ़ावा मिलेगा ही इससे लोगों की धार्मिक आस्था के प्रति भी रुचि भी बढ़ेगी। सीएनडीएस की ओर से यहां पर लगी टायल को हटाकर नया स्वरूप दिया जाएगा। इसके अलावा मंदिर में शौचालय के निर्माण के साथ तीन नए गेट स्थापित किए जाएंगे। संवाद
कोट
गुरू गोरखनाथ धाम को कुमाउंनी शैली में बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जल्द ही मंदिर नए स्वरूप में नजर आएगा।
- दिनेश चंद्र भटृ, अभियंता, सीएनडीएस, लोहाघाट