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पोता खेल रहा था ऑनलाइन गेम, दादी के खाते से ठगों ने पार किए 1.46 लाख रुपये

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Grandson was playing online game, thugs took Rs 1.46 lakh from grandmother's account
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बनबसा (चंपावत)। मोबाइल में एक बच्चे का ऑनलाइन गेम खेलना महंगा पड़ा। खेल-खेल में बच्चा साइबर ठगों की चपेट में आ गया। बच्चे को झांसे में लेकर ठगों ने 1.46 लाख रुपये बैंक खाते से उड़ा लिए। बच्चे की दादी की शिकायत पर बनबसा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
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बनबसा के चूनाभट्टा निवासी कलावती देवी ने पुलिस को दिए शिकायत पत्र में कहा कि शनिवार को उनका पोता मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेल रहा था। इस दौरान साइबर ठगों ने फोन कर बच्चे को झांसे में लेकर खाते संबंधी जानकारी ले ली। कुछ देर बाद उन्होंने मोबाइल पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) भेजा, जिसे बच्चे ने साइबर ठगों को बताया और इसके तुरंत बाद उनके खाते से 1.46 लाख रुपये कट गए। मोबाइल में खाते से रकम कटने का मेसेज आने से परिवार सकते में आ गया। तुरंत पता किया, तो ठगी का पता चला। थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने बताया कि मामले की साइबर सेल से जांच कराई जा रही है। तहरीर पर पुलिस ने राम आनंद और नीरजा देवी पर आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है। पुलिस उक्त शातिर ठगों का पता लगाने में जुट गई है। मामले की जांच एसआई कैलाश चंद्र जोशी को सौंपी गई है।
चंपावत में युवक के साथ हुई ऑनलाइन ठगी
चंपावत। मैरौली गूंठ गरसाड़ी के सुरेश चंद का कहना है कि उसके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने युवक से बैंक खाते संबंधी ब्योरा पूछा। अनजाने में युवक ने फोन करने वालों को पूरी जानकारी दे दी। इसके बाद युवक ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। ठगों ने युवक के खाते से अलग-अलग लेनदेन कर 1.13 लाख रुपये उड़ा लिए। युवक की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मामले की जानकारी साइबर सेल को दे दी है।
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साइबर ठगी से बचने के लिए ये कदम उठाएं
मोबाइल फोन से मिलने वाले किसी भी तरह के ऑफर और लालच में न आएं।
अनजान व्यक्ति से फोन पर बात कर उसके झांसे में न आएं।
बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर डिटेल नहीं मांगते हैं।
कोई रुपये मांगे तो मेसेज करने वाले वाले से फोन पर संपर्क कर पूछताछ करें लेकिन रकम ट्रांसफर कतई न करें।
फेसबुक, ट्विटर, आईडी का पासवर्ड सीधा-सरल न रखें।
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