टनकपुर/बनबसा। मुनस्यारी के बौना गांव से शुरू गोल्ज्यू यात्रा चंपावत के गोरलदेव मंदिर में पूजा, अर्चना के बाद टनकपुर पहुंची। टनकपुर में एमडीएम स्कूल की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर यात्रा का स्वागत किया। ककरालीगेट पर यात्रा का ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत हुआ। बाद में पूजा, अर्चना की रस्म हुई। बाद में बनबसा पहुंची यात्रा का भव्य स्वागत हुआ।
यात्रा के संयोजक सेवानिवृत्त आईजी गणेश सिंह मर्तोलिया और संस्था के सचिव विजय भट्ट ने बताया कि यात्रा प्रदेश के कई तीर्थ स्थलों तक जाएगी। छह मई को घोड़ाखाल के गोरलदेव मंदिर में समापन होगा। गोल्ज्यू संदेश यात्रा का मुख्य उद्देश्य पहाड़ से पलायन रोकने से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देना और पहाड़ की संस्कृति, धरोहर को बचाना है। बाद में यात्रा बनबसा रवाना हुई। वहां धर्मेंद्र चंद, रोहिताश अग्रवाल, पूरन भट्ट, कांतिबल्लभ जोशी, नवल तिवारी, उर्मिला चंद, नंदन डांगी, धर्मानंद पांडेय, ललित पंत, एनके तिवारी आदि थे।
बनबसा पहुंचने पर पाटनी तिराहे पर पूर्व विधायक एवं मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि कैलाश चंद्र गहतोड़ी के नेतृत्व में गोल्ज्यू संदेश यात्रा का स्वागत किया गया। बाद में यात्रा प्राचीन हनुमान मंदिर पहुंची जहां भक्तों ने पूजा, अर्चना की। सांसद प्रतिनिधि संजय जोशी ने न्याय के देवता गोल्ज्यू का महात्म्य बताया।
संयोजक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जीएस मर्तोलिया एवं आईबी के सेवानिवृत्त अधिकारी एसएस रौतेला ने गोल्ज्यू महाराज संदेश यात्रा का उद्देश्य बताया। वहां भरत भंडारी, ललित वर्मा, जनक चंद, दीपू वर्मा, वीरेंद्र चंद, विनोद गुप्ता, मनोज मित्तल, राजबाला मित्तल, किरन वर्मा, मोना भंडारी समेत श्रीजी सरकार परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। हनुमान मंदिर में पं. मदन काफिले ने पूजा कराई। यहां से यात्रा खटीमा के लिए रवाना हुई।