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सिटरस फलों की खरीद का समर्थन मूल्य तय किया

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चंपावत में सिटरस फलों की बिक्री करता दुकानदार। - फोटो : CHAMPAWAT
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सरकार ने भले ही नींबू प्रजाति (सिटरस) के फलों का विपणन मूल्य तय कर दिया है लेकिन इस बार भी सिटरस फल उत्पादक विपणन केंद्रों में माल्टा, नींबू, गलगल आदि नहीं बेचेंगे।
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सरकार ने सिटरस फलों की खरीद का जो समर्थन मूल्य तय किया है वह खुले बाजार से बहुत कम है। बरेली, पीलीभीत, हल्द्वानी के आढ़ती 10 रुपये प्रति किलो गलगल और 12 रुपये किलो की दर से माल्टा थोक में खरीद कर ले जा रहे हैं।
जबकि उद्यान विभाग के विपणन केंद्रों में चार रुपये किलो गलगल और सात रुपये प्रति किलो की दर से माल्टा खरीदा जा रहा है। चंपावत बाजार में माल्टा और गलगल बेचने वाले व्यापारी नीलांबर जोशी, शिवदत्त, अमरनाथ, केशव दत्त, जगदीश नाथ ने बताया कि 35 से 40 रुपये प्रति किलो की दर से माल्टा इस बार खुले बाजार में बिक रहा है। सरकार ने जो विपणन मूल्य तय किया है वह बहुत कम है।
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गत वर्ष भी नहीं पहुंचे विपणन केंद्रों में फल उत्पादक
चंपावत। पिछले साल उद्यान विभाग के विपणन केंद्रों में 4 से 5 रुपये प्रति किलो की दर से गलगल और माल्टा खरीदना तय किया था लेकिन बाजार में अच्छे दाम मिलने के कारण विपणन केंद्रों में कोई भी फल उत्पादक नहीं पहुंचा।
सरकार ने विपणन की व्यवस्था तो की है लेकिन गलगल और नींबू के दाम इतने कम हैं कि फल उत्पादकों ने पहले ही अच्छे भाव में बाजार में फलों को बेच दिया है। पिछले वर्ष भी दाम कम होने के कारण विपणन केंद्रों में लोगों ने अपने फल नहीं बेचे।
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एनके आर्या, जिला उद्यान अधिकारी, चंपावत।
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