नवंबर में हुई वन आरक्षी भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। मंगलवार शाम को जांच अधिकारी उत्तरी कुमाऊं के वन संरक्षक प्रेम कुमार ने जांच शुरू की। उन्होंने इस संबंध में छात्रसंघ अध्यक्ष का पक्ष जाना।
वन संरक्षक प्रेम कुमार ने मंगलवार अपरान्ह जांच शुरू की। छात्रसंघ अध्यक्ष कमल सिंह रावत ने कहा कि परीक्षा प्रश्नपत्र के बिंदु संख्या 6 पर सवाल उठाया। इस बिंदु में अभ्यर्थी द्वारा उत्तर गलत होने पर सही करने की व्यवस्था बताई गई थी। रावत का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था आमतौर पर दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में नहीं होती है। इससे अभ्यर्थियों की ओएमआर में बदलाव संभव है। इसी तरह उत्तर पुस्तिका और चयनित परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की बात रखी। इसके अलावा उन्होंने कई अन्य बिंदुओं को भी उठाया।
बता दें कि नवंबर में चंपावत डिवीजन के तहत 12 वन आरक्षी की भर्ती की गई थी। इस परीक्षा में 787 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। राजकीय पीजी कॉलेज छात्रसंघ और भाजपा ने परीक्षा में धांधली का आरोप लगाया था। नवंबर के पहले सप्ताह में नतीजे घोषित होने के बाद इन आरक्षियों की ज्वाइनिंग भी हो चुकी है। छात्रसंघ की चेतावनी के बाद जिलाधिकारी द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट पर अपर प्रमुख वन संरक्षक (प्रशासन) रंजना काला ने जांच के आदेश दिए थे।