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पहाड़ों में बारिश से ऊफनाई शारदा, पौने दो लाख क्यूसेक पहुंचा जल स्तर

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टनकपुर में ऊफनाई शारदा से बहती लकड़ियां निकालने का जोखिम उठाते लोग। - फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। पर्वतीय क्षेत्र में हुई बारिश से शारदा का जलस्तर बढ़ गया है। मंगलवार को उफनाई शारदा से स्नानघाट पूरी तरह जलमग्न हो गया। सुबह छह बजे से बढ़ता जलस्तर दोपहर बाद पौने दो लाख क्यूसेक से अधिक पहुंच गया था। खबर लिखे जाने तक जलस्तर बढ़ाने का सिलसिला जारी था। इधर, शारदा के उफान पर आने से तटीय क्षेत्रों में भू-कटाव का खतरा भी बढ़ गया है। शारदा बैराज पर दूूसरे दिन भी रेड अलर्ट रहा। बनबसा स्थित शारदा बैराज पर वाहनों के संचालन पर रोक जारी रही।
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शारदा नदी का जलस्तर मंगलवार सुबह छह बजे 107951, सात बजे 111041 क्यूसेक था, जो 11 बजे बढ़ कर 131067, 12 बजे 152625, एक बजे 161433 क्यूसेक, दोपहर दो बजे 172833 क्यूसेक, तीन बजे 177363 क्यूसेक पहुंचकर घटने लगा। शाम पांच बजे 155229 क्यूसेक रहा। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने पहाड़ में हुई वर्षा से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ना बताया। प्रभारी बैराज अटेंडेंट जेई संजय सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में केवल 19 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। जल स्तर के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्नानघाट में तैनात जल पुलिस और पीएसी के जवान भी अलर्ट बने रहे। उधर, खेतखेड़ा के समाजसेव पुष्कर सिंह ने बताया कि शारदा के ऊफान से गैंड़ाखाली, खेतखेड़ा आदि तटीय गांवों की ओर भूकटाव का खतरा भी बढ़ गया है।
बहती लकड़ी निकालने का जोखिम उठा रहे लोग
शारदा के उफान पर आते ही जहां शारदा घाट कॉलोनी क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है, वहीं लोग जान हथेली पर रखकर उफनाती शारदा में बहती लकड़ियां निकालने का जोखिम उठाने लगे हैं। जिससे किसी भी वक्त अनहोनी की आशंका बनी रहती है। मंगलवार को शारदा के उफान पर आते ही घाट क्षेत्र के लोग लकड़ी निकालने के लिए उमड़ पड़े। जलस्तर बढ़ने से स्नानघाट भी जलमग्न हो गया था, लेकिन लोग फिर भी बहती लकड़ी निकालने में जुटे रहे, जिन्हें इस जोखिम से रोकने वाला कोई नही है। बहती लकड़ी निकालने पर पुलिस और प्रशासन ने सख्ती से अंकुश नहीं लगाया तो लकड़ी निकालने वाले लोग कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं।
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