चंपावत। जिला मुख्यालय में फायर यूनिट की स्थापना ग्राम कुलेटी पंचायत घर डांडा बिष्ट में हो गई है। पहले चरण में लीडिंग फायरमैन समेत छह लोगों की यूनिट में तैनाती की गई है। फायर यूनिट की स्थापना होने से चंपावत में होने वाली आग की घटनाओं की रोकथाम की जा सकेगी। यहां फायर यूनिट नहीं होने से लोहाघाट फायर यूनिट कर्मी चंपावत आकर आग बुझाते थे।
फायर यूनिट में मिनी टेंडर (वाहन) की मदद से एक लीडिंग फायर मैन, तीन फायर मैन, एक चालक अग्निशमन का कार्य संभालेंगे। लंबे समय से चंपावत मुख्यालय में अग्निन शमन केंद्र का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित चल रहा था। अब यूनिट की स्थापना का रास्ता साफ होने के बाद यह पूरी तरह अस्तित्व में आ जाएगा। वर्तमान में फायर स्टेशन चंपावत में आवश्यक वाहन, उपकरण और स्टाफ की फायर स्टेशन लोहाघाट, टनकपुर से व्यवस्था की गई है।
चंपावत मुख्यालय में आग की वारदात होने की दशा में 15 किमी दूर लोहाघाट के अग्निशमन केंद्र का आसरा रहता था। अग्निशमन कर्मियों को 20 मिनट से अधिक का समय चंपावत मुख्यालय पहुंचने में लगता था। बाराकोट, पाटी, रीठासाहिब में किसी भी तरह की अग्नि दुर्घटना होने पर लोहाघाट का अग्निशमन दस्ता मददगार बनता है। जिले का दूसरा अग्निशमन केंद्र मैदानी क्षेत्र टनकपुर में स्थित है।
कोट
फायर स्टेशन का निर्माण कुलेटी ग्राम में 17 नाली भूमि पर किया जाना है। इसकी डीपीआर बनकर तैयार हो गई है। जल्द ही इसे शासन को भेजा जाएगा। वर्तमान में जगह की कमी के कारण अब छह कर्मियों की तैनाती की गई है।
चंदन राम, अग्निशमन अधिकारी।