चंपावत। तेंदुए की दहशत से लोहाघाट क्षेत्र के लोगों को निजात दिलाने के लिए वन विभाग ने मंगलवार को सुंई क्षेत्र में पिंजरा लगा दिया है। वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. धनंजय मोहन की ओर से सोमवार को अनुमति मिलने के बाद वन विभाग ने तेजी दिखाते हुए ये कदम उठाया है। इसके साथ ही क्षेत्र में गश्त भी बढ़ा दी गई है।
लोहाघाट के सुंई, पाटन, गलचौड़ा सहित कई क्षेत्रों में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। तेंदुआ यहां एक माह में चार लोगों पर हमला कर चुका है। साथ ही दो दिन पहले ही पाटन में एक पैरापिट पर बैठा तेंदुआ कैमरे में कैद हुआ था। इससे क्षेत्र के लोगों में दहशत और बढ़ गई है।
शाम के बाद लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है। साथ ही छात्र-छात्राओं को भी समूह में स्कूल भेजा जा रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी आरसी कांडपाल ने बताया कि वन्यजीव प्रतिपालक की अनुमति के बाद मंगलवार को सुंई क्षेत्र में पिंजरा लगा दिया गया है। इसके अलावा कैमरे लगाने के साथ ही क्षेत्र में वन कर्मियों की गश्त को भी बढ़ाया गया है। संवाद
तेंदुए के भय से स्कूल जाने में कतरा रहे हैं छात्र
खरही, भिंगराड़ा क्षेत्र में दिन दहाड़े मानव बस्तियों में तेंदुआ दिखने से दहशत, पिंजरा लगाने की मांग
चंपावत। जिले के पाटी विकासखंड के खरही, भिंगराड़ा क्षेत्र में तेंदुए के भय से छात्र-छात्राएं स्कूल जाने में कतरा रहे हैं। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में इन दिनों तेंदुए की दहशत बनी है। दिनदहाड़े तेंदुए के मानव बस्तियों में दिखाई देने से ग्रामीण दहशत में है।
तेंदुए की ओर से अब तक कई मवेशियों को भी मौत के घाट उतारा जा चुका है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाए जाने की मांग उठाई है। ग्रामीण प्रकाश सिंह, घनश्याम भट्ट, शिवराज सिंह, दीवान सिंह, महेश चंद्र, रुद्र सिंह, पुष्कर सिंह, केदार सिंह, जगदीश सिंह आदि का कहना है कि खरही, भिंगराड़ा, गड्यूड़ा, चल्थिया, चौड़ा मेहता आदि इलाकों में तेंदुए के कारण लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया है। क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए स्कूल तक तीन से चार किलोमीटर की दूरी जंगल के रास्ते पैदल तय करनी होती है। जिस कारण अधिकांश छात्रा स्कूल जाने से कतरा रहे हैं। संवाद