चंपावत। जिले के किसानों ने बीमा कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। काश्तकारों ने उचित बीमा दिए जाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
बुधवार को साधन सहकारी समिति के निवर्तमान अध्यक्ष ईश्वरी दत्त के नेतृत्व में किसानों ने बीमा कंपनी के खिलाफ विकास भवन में एकत्र होकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकतर किसानों ने समितियों के माध्यम से अदरक, आलू सहित अन्य फसलों के लिए ऋण लिया था, लेकिन बारिश न होने से पूरी फसल बर्बाद हो रही है। इससे काश्तकारों को काफी नुकसान हुआ है।
किसानों ने बीमा भी कराया लेकिन बीमा राशि नहीं दी जा रही है। किसानों ने कहा कि बीते दो सालों से बीमा कंपनियां उनके साथ धोखा कर रही हैं। अब किसान समितियों का ऋण चुकाने से भी पीछे हट रहे हैं। इस दौरान किसानों ने डीएम नवनीत पांडे को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व अध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी, मोतीराम, गिरीश चंद्र, पूर्णानंद, हेतराम, प्रकाश चंद्र, श्याम सिंह, धर्मानंद, कमल सिंह, नारायण सिंह, जोगा दत्त, हेम चंद आदि शामिल रहे।
30 हजार से अधिक हैं किसान
चंपावत। जिले में 30 हजार से अधिक काश्तकार हैं। जिला उद्यान विभाग के माध्यम से काश्तकारों को सस्ती दरों में आलू, अदरक का बीज वितरित किया जाता है। जिले में उद्यान विभाग ने 50 फीसदी सब्सिडी पर काश्तकारों को 700 क्विंटल आलू बीज उपलब्ध कराया है, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण आलू की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद नहीं है। जिला उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय ने बताया कि अगर महीने के अंत तक बारिश नहीं होती है तो फिर सूखे के आसार पैदा हो जाएंगे।