परिवहन निगम का टनकपुर डिपो आमदनी में तो पीछे नहीं है, लेकिन यहां सुविधाओं की खासी कमी है। इस डिपो की आय में सबसे ज्यादा हिस्सा बनबसा का है। मगर इसके बावजूद बनबसा में रोडवेज के यात्रियों के लिए सुविधाओं का अकाल है। साथ ही बस स्टेशन नहीं होने से बसें राष्ट्रीय राजमार्ग पर आडे़-तिरछे खड़ी रहती हैं। इससे सड़क पर जाम से लेकर अन्य तरह की अव्यवस्था फैलती है।
टनकपुर डिपो की बसों में सबसे ज्यादा यात्री नेपाल के होते हैं। महेंद्रनगर (नेपाल) से आने वाले ये यात्री बनबसा से ही आगे का सफर तय करते हैं। यहां से करीब तीन हजार से अधिक मुसाफिर रोजाना देहरादून, हरिद्वार, दिल्ली, शिमला और अन्य जगहों के लिए सवार होते हैं। सिर्फ बनबसा से ही औसतन करीब दो लाख रुपये रोजाना की आय है। परिवहन निगम के टनकपुर डिपो को सर्वाधिक आय देने वाले बनबसा में फिलहाल बस स्टेशन नहीं है।
यात्रियों की सुविधा को बनबसा में 2006 में बीएडीपी मद से एक टिनशेड का निर्माण कराया था। उसी में रोडवेज टिकट विंडो भी स्थापित है। रोडवेज के टनकपुर के मंडलीय प्रबंधक (जीएम) अनूप रावत का कहना है कि फिलहाल बनबसा के बस स्टेशन कोई प्रस्ताव नहीं है। अलबत्ता यात्रियों को सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।