मां पूर्णागिरि धाम में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन। संवाद न्यूज एजेंसी
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पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। पूर्णागिरि धाम और आसपास के गांवों में दो दिन से पेयजल आपूर्ति ठप है। इससे श्रद्धालुओं के अलावा क्षेत्र के लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। पूर्णागिरि के पुजारियों और क्षेत्र के लोगों ने स्रोत की मरम्मत कर अविलंब पेयजल आपूर्ति को सुचारु करने का आग्रह किया है।
15 जून को सरकारी मेला समाप्त होने के बावजूद दूरदराज से श्रद्धालुओं का पूर्णागिरि देवी के दर्शन के लिए आने का क्रम जारी है। 30 जून की सुबह से पूर्णागिरि क्षेत्र में पानी की आपूर्ति ठप हो गई। इसके चलते श्रद्धालुओं के अलावा आसपास के गांव के लोगों की पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ा है।
पंडित सुरेश तिवारी, सदानंद तिवारी, नेत्र बल्लभ तिवारी, दुर्गादत्त तिवारी ने बताया कि पिछले दिनों की भारी बारिश और मलबा आने से निगालीगाड़, ठुंगागाड़ और भवानीगाड़ के पेयजल स्रोत बुरी तरह से टूट गए। उन्होंने अविलंब पेयजल व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है। जल संस्थान के ईई विलाल युनूस का कहना है कि पिछले दिनों हुई भारी बारिश और मलबा आने से पेयजल स्रोतों के टूटने से यह नौबत आई है। टूटी लाइनों को ठीक करने के टनकपुर के जेई को निर्देश दिए गए हैं। संवाद
ठीक हुई बिजली और संचार व्यवस्था
मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में दो दिन बाद बिजली और संचार सेवा सुचारु हो गई है। 28 जून की रात से बिजली व्यवस्था गड़बड़ाई थी। 30 जून सुबह कुछ देर के लिए बिजली आपूर्ति सुचारु हुई लेकिन मौसम बिगड़ने से बिजली फिर गुल हो गई थी। बृहस्पतिवार देर शाम आपूर्ति सामान्य हो गई। ऊर्जा निगम के चंपावत खंड के ईई एसके गुप्ता ने बताया कि मौसम की खराबी से क्षतिग्रस्त बिजली लाइन ठीक कर आपूर्ति सुचारु कर दी गई है। संवाद