लोहाघाट (चंपावत)। पेयजल निगम और जल संस्थान के अधिकारी कर्मचारी पेयजल व्यवस्था आदि के कार्यों को एबीडी में दिए जाने के विरोध में तीसरे दिन भी धरने पर रहे। उन्होंने सरकार से पेयजल व्यवस्था आदि के कार्य वापस लेने और जल संस्थान तथा जल निगम का एकीकरण करने की मांग उठाई।
बुधवार को लोहाघाट के पेयजल निगम कार्यालय में पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी बाला दत्त गड़कोटी के नेतृत्व में जल संस्थान और जल निगम के प्रांतीय संयुक्त मोर्चा पर पेयजल निगम, जल संस्थान, पेंशनर्स, उपनल और आउटसोर्स कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार पेयजल व्यवस्था आदि के कार्यों को एबीडी से वापस नहीं लेती धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से जल संस्थान, जल निगम का एकीकरण करने और राजकीयकरण करने की मांग उठाई। वहां जल संस्थान मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष एलडी नरियाल, अभियंता सुभाष चंद्र सुंदरियाल, कन्हैया वाल्मीकि, दिनेश भट्ट, नेहा साही, कल्पना मेहता, प्रदीप पुनेठा, यमन बिष्ट, कमलेश उप्रेती, दिनेश बोहरा, रमेश जोशी, हरीश राय, एनडी पंत आदि मौजूद रहे।
नोडल अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
चंपावत। जिला मुख्यालय के जल संस्थान कार्यालय में जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों और कर्मियों का धरना-प्रर्दशन कर दो घंटे तक कार्य बहिष्कार तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री के लिए ज्ञापन सौपा। वहीं पेयजल निगम कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष यमन बिष्ट की अध्यक्षता में विभिन्न मांगों को लेकर तीसरे दिन धरना-प्रर्दशन जारी रखा गया। वहां ब्रजमोहन जोशी, अनिल कुमार, सागर तिवारी, नीरज धामी, जितेंद्र कर्नाटक, विजय पंत, कलावती देवी, अजय सिंह, दीपा मुरारी आदि अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद