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चंपावत : भारत-नेपाल के बीच सूखा बंदरगाह बनाने की कवायद तेज, दिया गया भूमि अधिग्रहण का अधिकार

Sat, 11 Dec 2021 06:52 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो विनोद काला, बनबसा (चंपावत)

सार

चंपावत के डीएम को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत संयुक्त जांच चौकी एवं ड्राईपोर्ट के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का अधिकार दिया गया है।
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भारत नेपाल सीमा (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नेपाल में बनने वाले सूखे बंदरगाह (ड्राईपोर्ट) के लिए भारत सरकार ने भी कवायद तेज कर दी है। जल्द ही बनबसा में भी ड्राईपोर्ट एवं संयुक्त जांच चौकी स्थापित होगी। इसके लिए भारत सरकार ने नेपाल सीमा के पास भारतीय गांव गढ़ीगोठ से सटे सीमांत भूभाग के अधिग्रहण के लिए चंपावत जिला प्रशासन को अधिकृत कर दिया है। चंपावत के डीएम को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत संयुक्त जांच चौकी एवं ड्राईपोर्ट के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का अधिकार दिया गया है।

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वर्ष 2016 में नेपाल में मधेशी आंदोलन के दौरान भारत-नेपाल के बीच नाकाबंदी होने से देश-विदेश से भारतीय बंदरगाह में पहुंचने वाले सामान की खेप नेपाल नहीं पहुंच पा रही थी। नेपाल के कंचनपुर जिले में मधेशी प्रभाव न होने से केवल बनबसा सीमा से भारत-नेपाल के बीच आवागमन सुचारु रहा। इसलिए नेपाल सरकार ने बनबसा सीमा पर ड्राईपोर्ट बनाने की योजना बनाई। नेपाल सरकार ने भारतीय सीमा स्थित चांदनी दोधारा गांव को इसके लिए चयनित किया। यहां से दिल्ली-काठमांडो एशियन हाईवे भी प्रस्तावित है। इसके लिए नेपाल ने चांदनी में फोरलेन पुल बना लिया है।

नेपाल के सूखा बंदरगाह को जोड़ने के लिए भारत सरकार ने बनबसा के गढ़ीगोठ स्थित भैंसाझाला, लाटाखल्ला गांव के पास की भूमि का चयन किया है। जहां से जगबूड़ा पुल के पास नेपाल को जोड़ने वाले मार्ग को एनएच से जोड़ा जाना है। इसके लिए भारत सरकार ने 84 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने के लिए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों के तहत (जरूरी कार्य हेतु) भूमि अधिग्रहण कानून की धारा 40 के तहत चंपावत के डीएम को अधिकृत किया है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि दो देशों की मैत्री के तहत जल्द ही बनबसा में भी ड्राईपोर्ट बनना है। जल्द ही भारत सरकार के निर्देश पर गढ़ीगोठ के पास नेपाल सीमा स्थित भारतीय भूभाग पर 84 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
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बनबसा बाजार के अस्तित्व पर लगा प्रश्नचिह्न
भारत-नेपाल के बीच ड्राईपोर्ट एवं एशियन हाईवे बनने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध एवं आवागमन बढ़ेगा। बनबसा के गढ़ीगोठ के पास ही संयुक्त जांच चौकी एवं ड्राईपोर्ट बनने के बाद वहीं पर भारतीय कस्टम विभाग, भारत सरकार के कृषि मंत्रालय का क्वारंटीन विभाग, इमिग्रेशन चेकपोस्ट, पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों, वन विभाग को भी स्थापित किया जाना है। वर्तमान भारतीय कस्टम, इमिग्रेशन चेकपोस्ट भी वहीं स्थानांतरित होंगे। ऐसे में वर्तमान बनबसा बाजार के वजूद को लेकर भी लोग आशंकित हैं।

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