चंपावत के स्वांला में राजमार्ग बंद होने से बच्चों को गोदी में उठाए सड़क पार करता परेशान यात्री।
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल्थी और धौन के बीच वैकल्पिक मार्ग की आवश्यकता लगातार बढ़ती जा रही है। राजमार्ग को बारहमासी सड़क बनाए जाने के लिए की गई कटिंग के कारण कई स्थानों पर संवेदनशील बनी पहाड़ियां मामूली बारिश में भी दरक जा रही हैं।
पूर्व में प्रशासन की ओर से पीएमजीएसवाई की ओर से निर्मित धौन-दियूरी सड़क से चल्थी तक वैकल्पिक मार्ग बनाए जाने के लिए सर्वेक्षण किया गया था लेकिन अब तक वैकल्पिक मार्ग के निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। बारहमासी राष्ट्रीय राजमार्ग चल्थी से स्वांला के बीच मलबा आने से बेहद संवेदनशील बना हुआ है। अक्सर यहां मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात बाधित हो जाता है ओर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में चल्थी तक के लिए वैकल्पिक मार्ग की मांग जोर पकड़ रही है।
धौन-दियूरी सड़क को विस्तार कर चल्थी तक पहुुंचाएं
चंपावत। अमोड़ी के पूर्व जिला पंचायत सदस्य उमाशंकर भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बोहरा आदि के अनुसार बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान चल्थी से लेकर अमोड़ी, स्वांला, धौन तक कई नए डेंजर जोन बन गए हैं। जिला प्रशासन को पीएमजीएसवाई की धौन-दियूरी सड़क को विस्तार कर चल्थी तक पहुुंचाना चाहिए ताकि मार्ग का उपयोग आपदा के हालातों में वैकल्पिक मार्ग के रूप में किया जा सके। संवाद
धौन-दियूरी सड़क से चल्थी तक वैकल्पिक मोटर मार्ग बनाए जाने को लेकर तैयार डीपीआर को शासन की सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू की जा रही है। - एमसी पलडिय़ा, ईई, लोनिवि, चंपावत।