चंपावत जिला अस्पताल में टैक्सी से लाई गई धनुली आमा।
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आपात सेवा 108 के कर्मचारियों का सामूहिक अवकाश बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में आपात सेवा के बंद होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के कारण जिला अस्पताल में कई मरीज टैक्सी बुक करके इलाज कराने पहुंचे।
जिला मुख्यालय से चार किमी दूर फुलारगांव निवासी हीरा देवी (54) का पैर फिसलने के कारण कमर में गंभीर चोट लग गई थी। आनन फानन में परिजनों ने उन्हें टैक्सी बुक कर जिला अस्पताल पहुंचाया। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र सिमलखेत निवासी 90 साल की धनुली आमा का पाले में पैर फिसलने से गंभीर चोट आ गयी। उनके पुत्र दीवान सिंह को उन्हें 5 हजार में टैक्सी बुक कर जिला अस्पताल लाना पड़ा।
108 सेवा के पहिये थमने से सबसे अधिक प्रभावित ग्रामीण क्षेत्र के लोग हो रहे हैं। चंपावत के तल्लादेश मंच तामली, रौंसाल, तल्लापाल बिलौन, रीठा, पंचेश्वर, देवीधुरा, बाराकोट, बर्दाखान क्षेत्र आपात सेवा के लिए 108 पर ही निर्भर हैं। 108 सेवा के जिला प्रभारी रजत उनियाल ने बताया कि 108 और खुशियों की सवारी वाहनों को चलाने के लिए 15 वाहन चालकों की आवश्यकता है। जिलाधिकारी से पीआरडी वाहन चालकों की मांग की है तथा दैनिक वेतनमान में भी वाहन चालक की व्यवस्था की जा रही है। जिनके उपलब्ध होने पर वाहनों का संचालन किया जाएगा। 108 वाहन में तैनात फार्मासिस्ट अपनी सेवाएं देने को तैयार हैं। हड़ताल को देखते हुए देहरादून से व्यवस्थाओं को सुचारु करने के लिए 108 के मानव संसाधन के योगेश्वर तिवारी को यहां भेजा गया है। जो वाहनों के संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुटे हैं।